नगर निकाय चुनावों में मेयर/चेयरपर्सन विवाद और तनाव
हैदराबाद, तेलंगाना के विभिन्न नगर निकायों में मेयर और चेयरपर्सन चुनावों के दौरान राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। उम्मीदवार चयन, बहुमत और एक्स-ऑफिशियो वोट को लेकर विरोध-प्रदर्शन, हंगामा और झड़पें सामने आई हैं, जिससे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति नियंत्रण में रखने में चुनौती का सामना करना पड़ा।

राज्य के विभिन्न नगर निकायों में मेयर और चेयरपर्सन चुनावों के दौरान राजनीतिक तनाव चरम पर रहा। कई क्षेत्रों पर बहिष्कार, विरोध-प्रदर्शन, मारपीट और प्रशासनिक दखल जैसे घटनाक्रम सामने आए, जिससे स्थानीय राजनीति गरमा गई। पुलिस प्रशासन को स्थिति से निटपने के लिए काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ा, वही चयन के दौरान पक्ष-विपक्ष के बीच तनाव की वजह से निगम अधिकारियों भी परेशान रहे।
करीमनगर में मेयर चुनाव से बीआरएस का बहिष्कार
करीमनगर नगर निगम में मेयर चुनाव से ठीक पहले भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने मतदान से दूर रहने का निर्णय लिया।
नगर निकाय चुनावों में बीआरएस के 9 पार्षद चुने गए थे। बताया गया कि पहले पार्टी निर्दलीय उम्मीदवार एस. कोमुरय्या का समर्थन करने वाली थी, लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस ने अपने पार्षद मल्लिकार्जुन राजेंद्र का नाम आगे बढ़ा दिया।
इस बदलाव से नाराज़ ने बीआरएस ने मतदान का बहिष्कार किया। उल्लेखनीय है कि करीमनगर नगर निगम के 66 सीटों में भारतीय जनता पार्टी के 30, कांग्रेस के 14, बीआरएस के 9, निर्दलीय 10 व मजलिस पार्टी ने 3 सीटें प्राप्त की थी। बीआरएस के बहिष्कार के बाद भाजपा ने आसानी से बहुमत हासिल कर किया और के. श्रीनिवास मेयर पद पर आसीन भी हो गए।
थारूर में कांग्रेस-बीआरएस कार्यकर्ताओं की झड़प
महबूबाबाद जिले के थारूर नगरपालिका में चेयरपर्सन और डिप्टी चेयरपर्सन चुनाव के दौरान कांग्रेस-बीआरएस दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। नगर पालिका परिसर में पूर्व मंत्री येर्राबेल्ली दयाकर राव के पहुंचते ही नारेबाजी शुरू हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। उनके निजी सहायक पर भी हमला किया गया।
स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इस नगर पालिका से 16 वार्डों में बीआरएस के 9 और कांग्रेस के 7 सदस्य जीते थे, लेकिन कांग्रेस की ओर से विधायक एम. यशविनी रेड्डी और सांसद कडीयम काव्या को एक्स-ऑफिशियो सदस्य के रूप में शामिल करने से संख्या संतुलन पर विवाद खड़ा हो गया। बीआरएस ने एक्स-ऑफिशियो वोट को नियमों के विरुद्ध बताते हुए अदालत जाने की चेतावनी दी।
यादाद्रि भुवनगिरी में चेयरपर्सन चयन पर विवाद
भोनगीर नगरपालिका की विशेष बैठक में कांग्रेस पार्षद ने पार्टी के फैसले का विरोध करते हुए हंगामा किया। चेयरपर्सन पद किसी अन्य बीसी वर्ग के उम्मीदवार को देने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने भेदभावपूर्ण राजनीति का आरोप लगाया। स्थिति को शांत कराने के लिए स्थानीय विधायक के. अनिल कुमार रेड्डी को हस्तक्षेप करना पड़ा, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने परिषद में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए।
जनगांव में पार्षद को मतदान से रोकने पर तनाव
जनगांव नगरपालिका में चेयरपर्सन चुनाव के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस ने बीआरएस पार्षद हफीज फातिमा को अपहरण की शिकायत का हवाला देकर पहले मतदान में शामिल होने से रोका दिया, इसी वजह को लेकर कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। इस पर बीएसआर विधायक पी. राजेश्वर रेड्डी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराज़गी जताई।
बाद में फातिमा परिषद पहुंचीं और मतदान प्रक्रिया में शामिल हुईं, जहां कांग्रेस सांसद सी. किरन कुमार रेड्डी ने चुनाव रोकने की मांग को लेकर अधिकारियों से बहस की। 30 वार्डों वाले इस नगर निकाय में बीआरएस के 13, कांग्रेस के 12, सीपीआई (एम) का 1 तथा 4 निर्दलीय पार्षद है।
कई जगह कानूनी विवाद की संभावना
नगर निकाय चुनावों के बाद मेयर और चेयरपर्सन पदों को लेकर तेलंगाना के कई शहरों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं। एक्स-ऑफिशियो वोट, उम्मीदवारों के नाम में बदलाव, और बहुमत के दावों को लेकर टकराव बढ़ गया है। कई मामलों में अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी भी दी गई है।
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