राज्यसभा में सांसदों ने उठाये रेल सुरक्षा, संपर्क से जुड़े मुद्दे
नई दिल्ली, राज्यसभा में मंगलवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने देशभर में रेलवे अवसंरचना को लेकर चिंता जताते हुए सुरक्षा एवं संपर्क से जुड़े कई मुद्दे उठाये जिनमें मेरठ-दिल्ली आरआरटीएस के शेष खंड पर परिचालन शुरू होने में हो रही देरी का मुद्दा शामिल है।
शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद माया नरोलिया ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-46 के नर्मदापुरम–इटारसी खंड पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज में गंभीर संरचनात्मक खामियों की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि यह रोज़ाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए सीधा खतरा है। उन्होंने कहा कि हालिया निरीक्षण में पुल के बगल वाली दीवार में गहरी दरारें, कंक्रीट की परतों का गिरना और व्यापक संरचनात्मक अस्थिरता सामने आई है। यह पुल वर्ष 1997 में निर्मित किया गया था।
यात्री सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
नरोलिया ने घटिया सामग्री के उपयोग और खराब इंजीनियरिंग का आरोप लगाते हुए ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, उसे भविष्य की परियोजनाओं से ‘ब्लैकलिस्ट’ करने तथा बिना उचित निरीक्षण के भुगतान को मंजूरी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कड़ी समयसीमा के साथ पारदर्शी तरीके से पुनर्निर्माण की मांग की और कहा कि क्षति की गंभीरता को देखते हुए केवल सतही मरम्मत पर्याप्त नहीं है।
उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने 82 किलोमीटर लंबे मेरठ-दिल्ली आरआरटीएस के शेष खंड पर परिचालन शुरू होने में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई और कहा कि इस पर कई परीक्षण पहले ही किए जा चुके हैं। (भाषा)
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