मध्य पूर्व संघर्ष पर व्याख्यान में गूंजा विश्व शांति का संदेश
हैदराबाद, हिन्दी महाविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा मध्य पूर्व का संघर्ष और शांति स्थापना में संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें अतिथि वक्ता के रूप में सेंट पायस स्नातक एवं स्नातकोत्तर महिला कॉलेज के सामाजिक विज्ञान की पूर्व विभागाध्यक्ष एवं राजनीति शास्त्र की सहायक प्रो. आरती दीपक ने भाग लिया।

कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन और हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीधारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। अतिथियों का स्वागत करते हुए संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष अर्चना पांडेय ने किया। समिति के उपाध्यक्ष श्यामसुंदर मूंदड़ा, संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार दत्त एवं प्राचार्य द्वारा अतिथि वक्ता का शॉल, फल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्राचार्या डॉ. बाला कुमार ने ज्वलंत विषय पर अतिथि व्याख्यान रखने पर राजनीति शास्त्र विभाग को बधाई दी।
असोसिएट प्रो. डॉ. सुरभि दत्त ने अतिथि वक्ता का परिचय दिया। डॉ. सुरभि दत्त ने दीर्घ समय से मध्य पूर्व में चल रहे टकराव की पृष्ठभूमि में क्षेत्रीय युद्ध में विरोधी पक्षों द्वारा प्रयुक्त शक्तिशाली प्रक्षेपास्त्रां के प्रयोग तेल रिसाव और विश्व मानवता पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा अनिश्चित भविष्य का उल्लेख करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति प्रयासों पर वीटो पावर पर प्रकाश डाला।
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मध्य-पूर्व टकराव के मूल कारणों पर प्रकाश
आरती दीपक ने मध्य-पूर्व टकराव की स्थिति पर वक्तव्य देते हुए इसके मूल कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह एक प्रकार से क्षेत्रीय स्तर पर तृतीय विश्व युद्ध सी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसने न केवल मध्य-पूर्व के देशों को प्रभावित किया, बल्कि सम्पूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था को हिला दिया।
आधुनिकतम शस्त्रां के प्रयोग ने पर्यावरण को दूषित कर दिया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की शान्ति स्थापना भूमिका और उसकी नीतियों, प्रयासों तथा कई स्थितियों में तटस्थता के प्रमुख बिन्दुओं की चर्चा की। निरंतर चल रहे युद्धों के वर्तमान एवं दूरगामी दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सभी के हित में विश्व शांति की स्थापना को, सकारात्मक परिवर्तनों को, सभी के विकास को ध्यान में रखते हुए आपसी सहमति का वातावरण तैयार किये जाने की नितांत आवश्यकता है।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष सीए लक्ष्मीनिवास शर्मा की प्रेरणा से राजनीति शास्त्र विभाग के तत्वावधान में विभिन्न संकायों के लिए संचालित 30 दिवसीय एड ऑन पाठ्यक्रम के पूर्ण होने पर छात्रों को समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रमाण-पत्र दिए गए। यह कक्षाएँ डॉ. सुरभि दत्त द्वारा ली गयीं। वाणिज्य, विज्ञान और कला संकायों के छात्र इस पाठ्यक्रम में सम्मिलित हुए।
अवसर पर उप-प्राचार्या डॉ. वसंता, डॉ. रजनीधारी, डॉ. पुष्पवल्ली, सी.पी. सिंह, वकील पांडेय, मधुसूदन, कन्हैया, शिवाजी भोसले, अर्चना सिंह, यशस्वनी, तेजा, शारदा, शिवानी, रमा, पृथ्वी तथा छात्र उपस्थित रहे। अर्चना पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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