मंत्री पोंगुलेटी ने दिये धरणी घोटाले पर सख्त कार्रवाई के संकेत
हैदराबाद, राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि धरणी पोर्टल का मामला धागा खींचते ही पूरी गांठ खुलने के समान है। एक-एक करके मामले सामने आ रहे हैं कि किस तरह जनता की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई इस प्रणाली का पूर्व सरकार के कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए दुरुपयोग किया। धरणी पोर्टल की खामियों का लाभ उठाकर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की हेराफेरी से जुड़ी घटनाओं की उच्चस्तरीय समिति से जांच कराई गई, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि इस मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बुधवार को सचिवालय में अपने कार्यालय में उच्चस्तरीय समिति के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि जो मामले सामने आ रहे हैं, वे केवल साधारण तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि व्यवस्थित रूप से पैदा की गई खामियों का परिणाम है। धरणी पोर्टल का सिक्योरिटी ऑडिट करते समय जिन खामियों की पहचान हुई थी, उन्हें ठीक किए बिना ही सब कुछ सही होने की रिपोर्ट दी गई।
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मानवीय हस्तक्षेप से त्रुटियों की संभावना उजागर
साथ ही पोर्टल को इस तरह डिजाइन किया गया कि मानवीय हस्तक्षेप से त्रुटियां संभव हों। भूमि लेन-देन से संबंधित संदिग्ध जानकारियों को उपलब्ध न होने देने के लिए लॉगिन तक हटाए जाने और अत्यंत गोपनीय लॉगिन विवरण के गायब होने जैसी बातें भी प्राथमिक जांच में सामने आई हैं। नियमों के विरुद्ध हुई भूमि लेनदेन की जानकारी उपलब्ध न हो, इसके लिए व्यवस्थागत तरीके अपनाए गए और फॉरेंसिक ऑडिट में कोड ऑडिट नहीं किए जाने का तथ्य भी उजागर हुआ है। पोर्टल के संचालन की जिम्मेदारी टेर्रासिस नामक विदेशी संस्था को सौंपे जाने के कारण भी समस्याएं उत्पन्न हुईं। इस पृष्ठभूमि में उन्होंने तत्काल धरणी पोर्टल का कोड ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की हेराफेरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और सरकार को मिलने वाला हर पैसा वसूला जाएगा। उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसी त्रुटियां दोबारा न हों, इसके लिए किसी खामी और अधिकारियों के अनावश्यक हस्तक्षेप की गुंजाइश के बिना जनता के अनुकूल भूभारती पोर्टल को संचालित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि जनता की भूमि के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और धरणी के नाम पर हुई हर अनियमितता को उजागर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सिरीसिल्ला और सिद्धिपेट जिलों की तरह शेष जिलों में भी फॉरेंसिक ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की जाए।
बैठक में राजस्व सचिव लोकेश कुमार, सीएमआरओ मंदा मकरंद, स्टांप्स एवं रजिस्ट्रेशन आईजी राजीव गांधी हनुमंत, उच्चस्तरीय समिति के सदस्य डीआईजी सुभाष, एसबी एसपी सिंधु शर्मा, साइबर क्राइम डीएसपी ए. संपत, गृह विभाग के सलाहकार पी. शरत कुमार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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