सिंगरेणी के निजीकरण का दुप्रचार : किशन रेड्डी
हैदराबाद, केंद्रीय कोयला व खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सिंगरेणी कॉलरीज का निजीकरण किए जाने संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे दुष्प्रचार बताया और कहा कि केंद्र सरकार सिंगरेणी का निजीकरण हरगिज नहीं चाहती है। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने कोत्तागुड़ेम की 74 वर्ष पुरानी पीवीके- 5 कोल माइन (पद्मावती खनी) का दौरा करके सिंगरेणी कर्मचारियों के सम्मेलन में भाग लिया।



अपने संबोधन में उन्होंने सिंगरेणी कर्मचारियों के परिश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उद्देश्य सिंगरेणी के लाभ का पहला हिस्सा सिंगरेणी कर्मचारियों को मिलना है। उन्होंने कहा कि देश में 74 प्रतिशत बिजली कोयले से तैयार की जाती है, जिसमें सिंगरेणी की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लिए कोयला खदान में काम करने वाले कर्मचारियों का जीवन महत्व रखता है, इसलिए कंपनियों को जीरो एक्सिडेंट पॉलिसी अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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केंद्र सरकार ने 4 लाख कोयला कर्मचारियों के लिए बीमा योजना लागू की
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के 4 लाख कोयला खदान कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपये की बीमा योजना भी लागू की है। उन्होंने सिंगरेणी में चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव के समय स्पर्धा अच्छी है लेकिन जब संस्था की बात आती है तो सभी को एकजुट होकर काम करना होगा, वहीं सिंगरेणी को राजनीति से दूर रखा जाना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तेलंगाना बिड्डा होने के नाते वे सिंगरेणी को हर प्रकार का सहयोग देने तैयार हैं।
मंत्री ने सिंगरेणी में खर्च घटाने तथा कोयला उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मार्केट में स्पर्धा बढ़ी है उसी प्रकार हमें विदेशों से कोयला आयात करने की मात्रा घटानी चाहिए परंतु इसके लिए उत्पादन बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोल गैसिफिकेशन को महत्व दे रही है। सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि 136 साल का इतिहास रखने वाली सिंगरेणी पर करीब 25 लाख परिवार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर हैं इसलिए केंद्र सरकार सिंगरेणी कर्मचारियों के कल्याण पर ध्यान दे रही है।
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