मिताली राज स्टैंड और रावी कल्पना द्वार उद्घाटित
विशाखापट्टनम, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला विश्व कप के मुकाबले से पहले रविवार को यहाँ आंध्र-प्रदेश क्रिकेट संघ ने प्रदेश की दो दिग्गज पूर्व क्रिकेटरों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली महिला क्रिकेटर मिताली राज और रावी कल्पना के नाम पर एसीए वीडीसीए स्टेडियम में क्रमश: एक दीर्घा और द्वार का उद्घाटन किया।
मैच शुरू होने से पहले हुए सम्मान समारोह में आईसीसी अध्यक्ष जय शाह, बीसीसीआई के नये अध्यक्ष मिथुन मन्हास, आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष माइक बेयर्ड और सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग भी मौजूद थे। दोनों खिलाड़ियों के नाम पर स्टेडियम में दीर्घा और द्वार बनाने का सुझाव भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मांधना ने अगस्त में आंध्र-प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश को दिया था, जिन्होंने दीर्घा और स्टैंड का अनावरण किया।
यह भी पढ़ें… राजपूताना रॉयल्स ने शूट-ऑफ में जीता पहली तीरंदाजी प्रीमियर लीग का खिताब
मिताली को भेंट की गई चाँदी की गेंद
महिला क्रिकेट में सभी प्रारूपों में मिलाकर 23 साल के कॅरियर में सर्वाधिक 10868 रन बनाने वाली मिताली ने 1999 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उनकी कप्तानी में भारत दो बार वनडे विश्व कप फाइनल में पहुँचा। आंध्र-प्रदेश के आई.टी. मंत्री लोकेश ने मिताली को हाथ से बनी लिमिटेड एडिशन चाँदी की क्रिकेट गेंद भेंट की जिस पर एसीए का लोगो था।
इस मौके पर मिताली ने कहा कि इस स्टेडियम में मेरे नाम पर एक स्टैंड होना गर्व की बात है। मैं आंध्र-प्रदेश सरकार और आंध्र-प्रदेश क्रिकेट संघ को इसके लिए धन्यवाद देती हूँ। विशाखापट्टनम का मेरे दिल में विशेष स्थान है, जहाँ मैने खेल को सीखने, अपने कौशल को निखारने और बेहतर क्रिकेटर बनने पर घंटो मेहनत की है। महिला क्रिकेट को इतना लंबा सफर तय करते देखकर मुझे बहुत गर्व हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैं आईसीसी और इसके अध्यक्ष जय शाह को भी महिला क्रिकेट के विकास के लिए सतत प्रयास करने के लिए धन्यवाद देती हूँ। आज महिला क्रिकेट प्रगति की राह पर है और मौकें तथा प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। (भाषा)
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



