जनता को राहत देने वाले विजनरी नेता मोदी : बूरा नरसय्या गौड़

हैदराबाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ. बूरा नरसय्या गौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजनरी लीडर बताया और कहा कि युद्ध के वातावरण में पेट्रोल, डीजल व गैस को लेकर जहाँ विश्व के कई देश संकटों से जूझ रहे हैं, वहीं भारत में आम जनता को बिना किसी संकट के ईंधन व गैस वितरण किया जा रहा है।

भाजपा मुख्यालय श्यामाप्रसाद मुखर्जी भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष डॉ. बूरा नरसय्या गौड़ ने कहा कि कई देशों में पेट्रोल-डीजल व गैस की दरें बढ़ाई गई हैं लेकिन मोदी सरकार ने आम जनता पर बोझ न लादते हुए एक्साइज ड्यूटी घटाकर जनता को राहत दी है।

ईंधन की किल्लत और बढ़ते कर्ज पर सरकार घिरी

पेट्रोल, डीजल व गैस वितरण सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में कृत्रिम कमी पैदा करके ब्लैक मार्केटिंग को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एलपीजी सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 3 हजार रुपये तक बेचे जा रहे हैं। इसमें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के ही लोग शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि तेलंगाना में 6 गारंटियों को पूरा करने संबंधी बयान देकर केरलम चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी बड़ी-बड़ी डींगें मार रहे हैं।

डॉ. बूरा नरसय्या गौड़ ने तेलंगाना को भारी कर्ज में डुबोने का सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव सरकार ने साढे नौ साल शासन चलाकर तेलंगाना पर 6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लादा था, परंतु मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार ने 28 महीने के शासन में ही 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का कर्ज तेलंगाना पर लादकर रिकार्ड बना दिया है।

फीस रिइम्बर्समेंट और कर्ज मुद्दे पर सरकार पर निशाना

डॉ. बूरा नरसय्या गौड़ ने कहा कि अब सरकार के बचे अगले 3 सालों में अतिरिक्त 6 लाख करोड़ रुपये के कर्ज से तेलंगाना को डुबोने का डर जनता को सताने लगा है। उन्होंने कहा कि इतना भारी कर्ज लेने के बावजूद कोई कल्याणकारी योजनाओं पर अमल नहीं किया गया, न ही कोई नई परियोजना का निर्माण किया गया है।

डॉ. बूरा नरसय्या गौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने दलित, आदिवासी व बंजारा विद्यार्थियों को उनके अधिकारों से वंचित किया है।उन्होंने कहा कि चिंता की बात है कि एससी, एसटी विद्यार्थियों के फीस रीअंबर्समेंट के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को 263 करोड़ रुपये दिए हैं लेकिन राज्य सरकार ने अपना हिस्सा नहीं अदा किया। इसके चलते यह निधियां केंद्र को वापस चली गईं।

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डॉ. बूरा नरसय्या गौड़ ने कहा कि हाल में कांग्रेस की विफलता के चलते और 276 करोड़ रुपये भी केंद्र को वापस चले गए हैं। उन्होंने कहा कि फीस रीअंबर्समेंट पर हाईकोर्ट के निर्णय पर तुरंत ही सरकार स्टे लेकर आए, वरना विद्यार्थियों के आक्रोश का सामना सरकार को करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय की आड़ लेकर सरकार फीस रीअंबर्समेंट योजना की कब्र बनाने की कोशिश करेगी तो गरीब, पिछड़े, विद्यार्थी माफ नहीं करेंगे।

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