शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा : हरीश राव

हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) विधायक व पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में डिग्री कॉलेजों की करीब 800 करोड़ रुपये फीस रीअंबर्समेंट की बकाया राशि अदा नहीं किए जाने के कारण करीब 6 लाख विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य अधर में है।

विधायक हरीश राव ने जारी बयान में कांग्रेस सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की और पूछा कि बडे-बडे कांट्रैक्टरों को हजारों करोड़ के बिल अदा करने वाली सरकार के पास विद्यार्थियों के फीस रीअंबर्समेंट की बकाया राशि देने के लिए पैसा क्यों नहीं है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार तुरंत आंखें खोले और बकाया फीस रीअंबर्समेंट की राशि तुरंत जारी करे।

विद्यार्थियों की फीस और परीक्षाओं में सरकार की विफलता

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की फीस तक देने की परिस्थिति में सरकार नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार का लाया गया परिवर्तन क्या यही है? उन्होंने राज्य के काकतीया विश्वविद्यालय, पालमूरू विश्वविद्यालय, शातवाहना विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय व तेलंगाना विश्वविद्यालय का उल्लेख किया और कहा कि यह सरकार इनमें डिग्री की परीक्षाओं तक का आयोजन करने में विफल साबित हुई है।

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उन्होंने कहा कि अप्रैल में आयोजित की जाने वाली डिग्री की परीक्षाएं अब तक नहीं हुई हैं। विद्यार्थी परीक्षाओं का आयोजन करने को लेकर सरकार के आगे गिड़गिड़ा रहे हैं, फिर भी सरकार मौन है। उन्होंने सरकार से तुरंत ही डिग्री की परीक्षाओं का आयोजन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवा विकासम योजना के तहत विद्या भरोसा कार्ड द्वारा प्रति विद्यार्थी 5 लाख रुपये देने की गारंटी दी गई थी उसका भी अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 17 महीने के शासन में कल्याण विभाग हॉस्टलों, मेडिकल कॉलेजों व डिग्री कॉलेजों को ताले लग चुके हैं।

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