एनजीटी ने खारिज की मूसी प्रॉजेक्ट के खिलाफ याचिका
हैदराबाद, तेलंगाना सरकार को बड़ी राहत देते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मूसी प्रॉजेक्ट के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। यह याचिका बीआरएस नेता पटलोला कार्तिक रेड्डी द्वारा दायर की गयी थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने पाया कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दे राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण द्वारा जारी संदर्भ की शर्तों में पहले ही शामिल किए जा चुके हैं। इसलिए, ट्रिब्यूनल ने याचिका को सुनवाई के शुरुआती चरण में ही स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि राज्य सरकार बिना पर्यावरण मंजूरी लिए ही निर्माण कार्य आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी तरह का विकास कार्य जारी रखने से रोकने का निर्देश देने की मांग की और ट्रिब्यूनल से आग्रह किया कि जो काम पहले ही हो चुके हैं, उनके लिए जुर्माना लगाया जाए।
राज्य सरकार की ओर से पेश होते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता टेरा रजनीकांत रेड्डी ने पीठ को सूचित किया कि पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जो भी गतिविधियाँ अभी चल रही हैं, वे पर्यावरण मंजूरी के पूरी तरह पालन के साथ की जा रही हैं। इस पर्यावरण मंजूरी में ही पर्यावरण प्रभाव आकलन करने का दायरा और कार्यप्रणाली तय की गई है।
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रजनीकांत रेड्डी ने तर्क दिया कि यह याचिका समय से पहले और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह याचिका कानूनी प्रक्रियाओं को एक मंच के तौर पर इस्तेमाल करके इस प्रोजेक्ट का विरोध करने की एक सोची-समझी कोशिश का हिस्सा है। मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील श्रीनाथ श्रीदेवन ने भी इस याचिका का विरोध किया।
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