अमीनपुर नगरपालिका के विलय पर नोटिस
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने संगारेड्डी ज़िले के अमीनपुर नगरपालिका के ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) में विलय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों नागरिक प्रशासन विभाग, जीएचएमसी व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर पूर्ण विवरण के साथ प्रतियाचिका दायर करने के आदेश जारी किए।
संगारेड्डी ज़िले के अमीनपुर गाँव के 98 वर्षीय किसान एम.ए. शरीफ ने तेलंगाना नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम-2026 (अधिनियम 3 ऑफ 2026) और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (द्वितीय संशोधन) अधिनियम-2026 (अधिनियम 2 ऑफ 2026) को चुनौती देते हुए दायर याचिका पर आज उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहियुद्दीन की खण्डपीठ ने सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि अमीनपुर नगरपालिका का विघटन और जीएचएमसी में उसका विलय अवैध और असंवैधानिक था। उन्होंने कहा कि अमीनपुर क्षेत्र में याचिकाकर्ता के पास 38 एकड़ कृषि भूमि है और विलय से किसानों की खेत योग्य भूमि का स्वरूप बदल जाएगा। विलय प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद-243(यू) के विरुद्ध है।
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विलय से पहले अमीनपुर नगरपालिका को नोटिस देने और स्पष्टीकरण माँगने के कानूनी प्रावधान का उल्लंघन किया गया है। नगरपालिका का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित शासी निकाय का कार्यकाल समाप्त होने से पहले विघटन वैध नहीं है। पहले नगरपालिका को भंग करना और उसे जीएचएमसी में विलय करना एक नीतिगत त्रुटि थी। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों से निर्वाचित स्थानीय निकाय के कामकाज में बाधा उत्पन्न हो रही है। सुनवाई के पश्चात खण्डपीठ ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर आगे की सुनवाई स्थगित कर दी।
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