ओपनएआई (OpenAI )का IIT-दिल्ली, IIM-अहमदाबाद से करार
नई दिल्ली, ओपनएआई (OpenAI) ने भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ साझेदारी की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य प्रबंधन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, रचनात्मक और बहुविषयक शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मुख्यधारा में लाना है। पहल का लक्ष्य टेक-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एआई-तैयार प्रतिभा तैयार करना है।
पहले बैच में ये संस्थान शामिल
पहले चरण में इन संस्थानों को शामिल किया गया है:
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद
- ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली
- मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन
- यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (UPES)
- पर्ल एकेडमी
1 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ
यह पहल अगले एक वर्ष में 1 लाख से अधिक छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ को कवर करेगी। केवल एआई टूल्स की पहुंच देने के बजाय, इसे जिम्मेदार उपयोग और अकादमिक ईमानदारी के ढांचे के साथ कैंपस-स्तर पर एकीकृत किया जाएगा।
साझेदारी के तहत एंटरप्राइज-ग्रेड ChatGPT Edu एक्सेस, संरचित प्रशिक्षण, विषय-विशेष मार्गदर्शन और जिम्मेदार उपयोग के फ्रेमवर्क प्रदान किए जाएंगे। एआई को पाठ्यक्रम और अकादमिक प्रक्रियाओं जैसे एडवांस प्रॉम्प्टिंग, डेटा एनालिटिक्स, कोडिंग, सिमुलेशन, केस स्टडी विश्लेषण और एआई-सहायित रिसर्च में शामिल किया जाएगा।
किस संस्थान पर क्या जिम्मेदारी?
- आईआईटी दिल्ली में इंजीनियरिंग नवाचार, सिस्टम डिजाइन और शोध पर जोर रहेगा।
- आईआईएम अहमदाबाद में रणनीति, वित्त, संचालन, मार्केटिंग और पब्लिक पॉलिसी पाठ्यक्रम में एआई दक्षता जोड़ी जाएगी।
- एम्स नई दिल्ली में मेडिकल एजुकेशन और क्लिनिकल ट्रेनिंग में एआई के उपयोग पर काम होगा, जहां संभावित ‘AI in Medical Education Hub’ स्थापित किया जा सकता है।
- मणिपाल विश्वविद्यालय में बहुविषयक शोध और व्यापक एआई साक्षरता पर फोकस रहेगा।
- UPES में इंजीनियरिंग, बिजनेस, लॉ और हेल्थ साइंसेज में एआई का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
- पर्ल एकेडमी में डिजाइन, फैशन टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में जिम्मेदार एआई उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
एड-टेक प्लेटफॉर्म से भी सहयोग
ओपनएआई ने कई जाने माने एड-टेक प्लेटफॉर्म के साथ भी सहयोग की घोषणा की है। इनके माध्यम से छात्रों और शुरुआती पेशेवरों के लिए एआई और चैटजीपीटी के व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित संरचित कोर्स लॉन्च किए जाएंगे। इस पहल के जरिए उच्च शिक्षा संस्थानों में एआई को केवल एक टूल के रूप में नहीं, बल्कि अकादमिक ढांचे का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
भारत कृत्रिम मेधा नवाचार के प्रमुख केंद्रों में से एक- एनविडिया
भारत अपने मजबूत विकासकर्ता आधार, स्टार्टअप और साझेदार नेटवर्क के दम पर कृत्रिम मेधा (एआई) नवाचार के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो गया है। एनविडिया के प्रबंध निदेशक (दक्षिण एशिया) विशाल धूपर ने कहा कि कंपनी देशभर के प्रौद्योगिकी दिग्गजों के साथ मिलकर बदलाव को तेज करने और विकास को नई गति देने पर काम कर रही है। धूपर ने कहा कि एनविडिया की विविध साझेदारियां बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि कृत्रिम मेधा कोई एकल उत्पाद या एक बार की खोज नहीं है। उन्होंने इसकी पांच परत (लेयर) वाले केक से तुलना करते हुए कहा कि इसके सबसे निचले स्तर पर ऊर्जा, उसके ऊपर चिप, आधारभूत ढांचा, मॉडल और फिर अनुप्रयोग हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ का यह ”रोमांचक” सप्ताह नवाचार एवं अवसर
धूपर ने कहा कि इन सभी परतों का अपना अलग परिवेश है और एनविडिया, भारत के प्रौद्योगिकी दिग्गजों के साथ इस पूरी श्रृंखला के हर स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत में एनविडिया का परिवेश निरंतर बढ़ रहा है। धूपर ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”हमें गर्व है कि हम इस पूरी श्रृंखला की हर परत पर भारत के दूरदर्शी नेतृत्व के साथ काम कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि आज भारत में करीब आठ लाख डेवलपर एनविडिया के मंचों पर कृत्रिम मेधा समाधान बना रहे हैं, उन्हें प्रशिक्षित एवं क्रियान्वित लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ का यह ”रोमांचक” सप्ताह नवाचार एवं अवसर लेकर आया है।
एआई शिखर सम्मेलन में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेन्सेन हुआंग की अनुपस्थिति के सवाल पर विशाल धूपर ने कहा कि कई हफ्तों तक लगातार यात्रा के बाद शीर्ष अधिकारी अस्वस्थ हैं और उन्होंने जय पुरी को इस कार्यक्रम में कंपनी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए भेजा है। उन्होंने बताया कि कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष जय पुरी के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, ताकि देश के शोधकर्ताओं, स्टार्टअप एवं डेवलपर के योगदान का सम्मान किया जा सके। धूपर ने कहा कि पूरे सम्मेलन के दौरान एनविडिया की मेजबानी में 15 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। 100 से अधिक एनविडिया साझेदार यहां अपने नवीनतम कार्यों का प्रदर्शन कर रहे हैं। (भाषा)
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