मूसी से अधिक प्रदूषण विपक्ष के पेट में : रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, विधानसभा का शीतकालीन सत्र तब गरमा गया, जब मूसी सौंदर्यीकरण परियोजना को लेकर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्षी बीआरएस पर हल्ला बोला। उन्होंने कहा कि मूसी के प्रदूषण से अधिक विपक्षियों के पेट में भरा जहर है और आँखों में भरी आग है। इस पर बीआरएस सदस्यों ने घोर आपत्ति प्रकट करते हुए विरोध जताया। इस पर मुख्यमंत्री ने पेट में भरा जहर कम करने की सलाह दी। जब विधायक दल के उपनेता टी. हरीश राव ने सभापति से माइक देने की माँग की, तो प्रतिक्रिया न मिलने पर विपक्षी सदस्य आप सभी मिलकर सदन चला लो, कहते हुए बाहर चले गए।

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रश्नकाल के दौरान सत्तापक्ष के विधायक बालू नायक सेनावत, विधायक के. शंकरय्या व विधायक मलरेड्डी रंगा रेड्डी द्वारा मूसी नदी सौंदर्यीकरण प्रॉजेक्ट से संबंधित पूछे गए प्रश्न का मंत्री डी. श्रीधर बाबू द्वारा उत्तर दिए जाने के बीच सदन के नेता के तौर पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मूसी सौंदर्यीकरण प्रॉजेक्ट के बारे में विस्तार से समझाया।

रेवंत रेड्डी ने विपक्षी पेट में भरे जहर की चिंता जताई

ऐसे में भारास विधायक दल के उपनेता टी. हरीश राव ने प्रश्नकाल का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के लंबे स्पष्टीकरण पर आपत्ति जताई। मुख्यमंत्री रेवंत ने सभापति से कहा कि देखें सच्चाई सुनकर कैसे इनके पेट में दर्द होने लगा है। उन्होंने कहा कि मैंने (रेवंत रेड्डी ने) इनकी आलोचना नहीं की बस पूछे गए प्रश्न पर उत्तर में सरकार की योजना पर जो सच है, बता रहा हूँ, लेकिन सच्चाई इन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही है।उन्होंने विपक्षी बीआरएस की ओर इशारा करते हुए कहा कि मूसी नदी के प्रदूषण से अधिक इनके पेट में भरा जहर खतरनाक है। इसे कम किया जाए।

यदि दवा नहीं हो, तो विकाराबाद की हवा हर मर्ज की दवा कहा जाता है, वहाँ अस्पताल जाकर 10 दिनों के लिए भर्ती कर दिया जाए। उन्होंने पूर्व मंत्री के. तारक रामाराव का नाम न लेते हुए कहा कि लिफ्टों, पम्पों व नाला सफाई के नाम पर कमीशन खाकर जनवाड़ा में फार्महाउज, नलगोंडा में फार्महाउज बनाने वाले हमारे बारे में बोल रहे हैं । धनवानों के फार्महाउज से निकलने वाले ड्रेनेज का पानी गंडीपेट व हिमायतसागर में छोड़कर प्रदूषित किया जा रहा है, इसलिए कड़े कदम उठाए गए।

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एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 400 करोड़ रुपये लोन की सहमति दी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे रियल इस्टेट ब्रोकर कहा जा रहा है, लेकिन यह भी एक इंडस्ट्री है। इससे निवेश आएगा, उद्योग स्थापित होंगे, रोजगार उपलब्ध होंगे। रेवंत रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद को विश्वस्तरीय नगर बनाना ही सरकार का संकल्प है। इसलिए मूसी सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत नदी में स्वच्छ जल भरने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये का लोन देने पर सहमति जताई है।

प्रॉजेक्ट की डीटेल्ड प्रॉजेक्ट रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया जारी है। 3 कंपनियों को ज्वाइंट वेंचर के तौर पर कार्य दिए गए हैं। ग्लोबल टेंडर भी बुलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण के अंतर्गत 21 किमी का प्रस्ताव है। पहला चरण संभवत मार्च माह तक प्रारंभ होगा। संक्रांति तक पहले चरण की डीपीआर पर स्पष्टता आ जाएगी। उन्होंने कहा कि पहला चरण हिमायतसागर से लंगरहाउज के बापूघाट तक होगा, जहाँ मूसी और ईसा नदी का संगम है।

उसके पास वी. शेप में गांधी सरोवर निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार से गांधी सरोवर के लिए रक्षा विभाग की 200 एकड़ भूमि पूछी गई है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गांधी सरोवर के लिए खुशी जताकर पहले 55 एकड़ भूमि देने के लिए सहमति दी और एक टीम को फील्ड सर्वे के लिए भेजा। वह केंद्र सरकार से अच्छे संबंध बनाकर राज्य के विकास हेतु काम ले रहे हैं।

मूसी नदी प्रदूषण से नलगोंडा में महिलाओं को स्वास्थ्य जोखिम

केसों से बचने के लिए संबंध स्थापित नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मूसी सौंदर्यीकरण प्रॉजेक्ट पर डीटेल्ड प्रॉजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद सभी विधायकों को मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाकर पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए जानकारी देकर राय मश्विरा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विकाराबाद के अनंतगिरी हिल्स से वाडापल्ली तक मूसी प्रवाह 240 किमी है और इस पर पिछले 2 सालों से कसरत की गई है। उन्होंने कहा कि पहले चरण पर स्पष्टता आने के बाद आगे गंडीपेट से गौरेल्ली 55 किमी एलीवेटेड कॉरिडॉर पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूसी नदी के प्रदूषण से नलगोंडा जिला सजा भोग रहा है।

चिकित्सकों का कहना है कि मूसी परिवाहक प्रांत में रह रही महिलाएँ गर्भ तक धारण नहीं कर पा रही हैं, इसलिए गोदावरी जल लाकर मूसी का शास्वत परिष्कार निकालने का विचार है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार यही हाल रहा तो यह क्षेत्र रहने योग्य नहीं रहेगा।

इसलिए भगवान की कृपा से मूसी जल को शुद्ध कर सौंदर्यीकरण योजना पर काम करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि 7 हजार करोड़ रुपये खर्च से गोदावरी जल लाकर मूसी और ईसा नदी में बहाया जाएगा और अगले 2 सालों में गंडीपेट में गोदावरी जल पहुँच जाएगा। उन्होंने बताया कि मूसी परियोजना के अतराफ सांप्रदायिक सौहार्द के तौर पर गुरुद्वारा, मस्जिद व चर्च का निर्माण किया जाएगा। वहीं मंचीरेवुला के समीप स्थित प्राचीन शिवमंदिर का विकास किया जाएगा।

पुराने शहर की उपेक्षा नहीं की

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने हैदराबाद के पुराने शहर की कभी भी उपेक्षा नहीं की, क्योंकि ओल्ड सिटी-ओरिजनल सिटी है। उन्होंने कहा कि पुराने शहर के रुके हुए मेट्रो रेल प्रॉजेक्ट को चंद्रायणगुट्टा तक पूरा करने कार्य प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुराने शहर वासी जो मेट्रो रेल परियोजना के चलते संपत्ति खो रहे थे, उन्हें मन माँगा मुआवजा दिया गया। उन्होंने बताया कि 450 एकड़ में फैला मीरआलम टैंक भी मूसी नदी का हिस्सा ही है। इस पर 450 करोड़ रुपये खर्च से ब्रिज बनाने का काम जारी है। अगले 2 वर्षों में इसे पूरा किया जाएगा।

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