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ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नालंदा बनी आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना साकार करने में सहभागी

हैदराबाद/पटना, बिहार के राजगीर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नालंदा देश को आयुध आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। देश की रक्षा इकाई के रूप में यह बाय-मोड्यूलर चार्ज सिस्टम (बीएमसीएल) बनाने वाली एकमात्र आयुध निर्माणी है। यहाँ निर्मित एम 91 व एम 92 शत-प्रतिशत स्वदेशी उत्पाद सेना की सुरक्षा से संबंधित लक्ष्यभेदी युद्धक शस्त्र को शक्ति प्रदान करता है।

पीआईबी हैदराबाद के नेतृत्व में तेलंगाना के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने बिहार प्रेस टूर के दौरान फैक्ट्री का दौरा किया। इस दौरान महाप्रबंधक एस.सी. यादव ने प्रतिनिधिमंडल को मेक इन इंडिया के तहत रक्षा उत्पादन एवं आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं की जानकारी दी। अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने फैक्ट्री की गतिविधियों व उपलब्धियों के विषय में अवगत कराते हुए बताया कि यह आयुध कारखाना पुणे स्थित अनुसूची-ए के अंतर्गत आने वाले रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) मिनी रत्न-1 की इकाई है।

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वैश्विक ग्राहकों को भी उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्यात

अधिकारी ने कहा कि एमआईएल का गठन पूर्ववर्ती आयुध कारखाना बोर्ड के पुनर्गठन व निगमीकरण के बाद 1 अक्तूबर, 2021 से 7 रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में किया गया है। भारत में गोला-बारूद व विस्फोटक पदार्थों का सबसे बड़ा निर्माता एमआईएल है, जिसके भारत भर में 12 विनिर्माण संयंत्र हैं। एमआईएल के प्रमुख उत्पादों में छोटे, मध्यम और उच्च क्षमता वाले गोला-बारूद, मोर्टार, रॉकेट, हैंड ग्रेनेड आदि शामिल हैं।

इस कड़ी में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नालंदा रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में अपना योगदान प्रदान कर रही है। यह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधाओं, एनएबीएल से मान्यता प्राप्त गुणवत्ता प्रयोगशाला व मजबूत सुरक्षा मानकों के साथ सेना तथा वैश्विक ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदान करती है।उल्लेखनीय विषय है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नालंदा ने परिचालन और वित्तीय स्वायत्तता का लाभ उठाते हुए आयुध कारखानों के निगमीकरण के बाद अपनी बिक्री व निर्यात को दोगुना कर दिया है। भारतीय सेना की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए उत्पादन का लगभग 21 प्रतिशत निर्यात किया जाता है।

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नालंदा न केवल अपने रक्षा उत्पादों से देश की सुरक्षा में योगदान दे रही है, बल्कि स्थानीय वंचित वर्ग के सामाजिक कल्याण का ध्यान रखती है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्कूली बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर वितरण, टीबी रोगियों, गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण पूरक, दिव्यांगों को तिपहिया साइकिलें, जल संचय जन भागीदारी योजना के अंतर्गत गाँव के तालाब का पुनर्भरण व हैंडपंपों की स्थापना में योगदान देती है। -(श्रद्धा विजयलक्ष्मी)

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