फुटपाथ संबंधी आदेश का लोगों ने किया स्वागत

हैदराबाद, फुटपाथों पर बेतरतीब कब्जों को लेकर अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाने और इस संबंध में निर्देस जारी करने का हैदराबाद की जनता ने तहे दिल से स्वागत किया है। जीएचएमसी की सीमा के भीतर कब्ज़े वाले फुटपाथों को मुक्त करवाने के तेलंगाना हाई कोर्ट के निर्देशों का लोगों ने स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे पैदल चलने वालों को सुरक्षित पहुँच मिलेगी।

लोगों का कहना है कि शहर भर में कई फुटपाथों पर कमर्शियल जगहों, कामचलाऊ दुकानदारों, खाने की जगहों और पब ने कब्ज़ा कर लिया है और कुछ हिस्सों का इस्तेमाल पार्किंग के लिए भी किया जा रहा है। जिन इलाकों का ज़िक्र किया गया है उनमें बंजारा हिल्स, खैरताबाद, हैदरगुडा रोड से पुराने एमएलए क्वार्टर तक का हिस्सा, हिमायतनगर के कुछ हिस्से और सिकंदराबाद की मुख्य सड़कें शामिल हैं।

सैनिकपुरी की एक निवासी ने कोर्ट के निर्देशों का स्वागत करते हुए कहा कि व्यावसायिक जगहों के फुटपाथों पर कब्ज़ा करने से पैदल चलने वालों को मुख्य सड़कों पर आना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैं पिछले 40 सालों से सैनिकपुरी में रह रही हूँ। यह इलाका शुरू में अच्छी तरह से नियोजित किया गया था, जिसमें फुटपाथ के लिए काफी जगह तय थी। हालांकि व्यावसायिक जगहों के बढ़ने के साथ ही फुटपाथों पर धीरे-धीरे कब्ज़ा हो गया है।

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5 एवेन्यू पर सबसे अधिक अतिक्रमण की समस्या

ज़्यादातर फुटपाथ अब पार्किंग के लिए इस्तेमाल होते हैं। उन्होंने कहा कि 5 एवेन्यू पर सबसे ज़्यादा कब्ज़ा हुआ है। यहाँ दुकानें सड़क तक फैल गई हैं, जिससे चलना, सड़क पार करना या अपनी लेन से कारें निकालना भी मुश्किल हो गया है, क्योंकि प्रतिष्ठानों ने सामने का हिस्सा घेर लिया है। उन्होंने कहा कि एक नया खुला पब भी पार्किंग के लिए फुटपाथ का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों ने फुटपाथ पर जनरेटर रख दिए हैं। नतीजतन पैदल चलने वालों के पास मुख्य पर चलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

फोरम फॉर गुड गवर्नेंस के चेयरमैन और रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी पद्मनाभ रेड्डी ने कहा कि सरकार को स्ट्रीट वेंडर्स के अधिकार पर सेंट्रल एक्ट लागू करना चाहिए। सरकार को सेंट्रल कानून, राइट ऑ़फ स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट को पूरी तरह से लागू करना चाहिए। इस कानून के तहत नागरिक अधिकारियों को इलाकों को नो-वेंडिंग ज़ोन, रिस्ट्रिक्टेड (पार्शियल) वेंडिंग ज़ोन और फुल वेंडिंग ज़ोन के तौर पर चिह्नित करना ज़रूरी है।

यह काम पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से करना जीएचएमसी की ज़िम्मेदारी है। अगर जीएचएमसी इस कार्य को गंभीरता से लेती है, सही सर्वे करती है और सही प्रचार के साथ अग्रिम अधिसूचना जारी करती है, तो बेवजह के कानून-व्यवस्था के मुद्दों को रोका जा सकता है। साथ ही इस तरह की योजना से पैदल चलने वालों के अधिकारों की रक्षा होगी और कमज़ोर वेंडर्स की रोजी-रोटी भी सुरक्षित रहेगी, क्योंकि इससे उन्हें कानूनी तौर पर और इज्ज़त के साथ अपना व्यापार करने के लिए तय जगहें मिलेंगी।

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