प्रगति महाविद्यालय में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
हैदराबाद, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम एवं एसआईपी) श्रीनिवास ने कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध बढ़ता जा रहा है। इसके लिए स्मार्ट रूप से कार्य करने और अंजान लिंक या संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें। साथ ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट को किसी भी अंजान व्यक्ति या अंजान नंबर पर शेयर न करें। ऑनलाइन फोटो या पर्सनल डिटेल्स पोस्ट करने से पहले सोचें। साइबर बुलिंग या संदिग्ध एक्टिविटी की रिपोर्ट साइबर पुलिस को देकर सहयोग करें। स्मार्टफोन रखने वाले स्मार्ट बनें, अलर्ट रहें और ऑनलाइन सुरक्षित रहें।
यहां हनुमान टेकड़ी स्थित श्री गुजराती प्रगति समाज द्वारा संचालित प्रगति महाविद्यालय जूनियर डिग्री एवं पीजी कॉलेज में साइबर अपराध पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम एवं एसआईपी) श्रीनिवास ने कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध बढ़ता जा रहा है और प्रतिदिन एक से दो करोड़ रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड विभिन्न रूपों में हो रहा है। इनमें से कई लोग तो पुलिस से शिकायत तक नहीं करते हैं। इस प्रकार की चुप्पी साइबर अपराध को बढ़ावा देती है।
पुलिस से डरे नहीं बल्कि साइबर अपराध होने पर इसकी शिकायत 1930 पर एक घंटे के भीतर करें ताकि आपका बैंक खाता सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हैदराबाद और दिल्ली यह दो शहर सॉफ्टवेयर में बहुत आगे हैं और यहीं पर साइबर अपराध भी पनप रहा है। साइबर अपराध मुख्य रूप से स्मार्ट फोन और इंटरनेट के कारण फैल रहा है। एसीपी ने आगे कहा कि प्रमुख रूप से एपीके फाइल के फोन में डाउनलोड करते ही आप शिकार हो जाते हैं। आपका सारा डेटा, ओटीपी, फोटो व फोन में बैंक अकाउंट की सारी जानकारी दूसरे व्यक्ति के हाथ में पहुँच जाती है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से सतर्क रहने की अपील
इसलिए एपीके फाइल या अनावश्यक रूप से फोन में कोई भी सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करें। उन्होने कहा कि साइबर अपराधी पहले आपको लॉटरी लगने के नाम पर कुछ पैसा भेजते हैं और यदि आप उसके जाल में फंसते हैं, तो आपका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है। एक बार पैसा निकल गया तो वह कई खातों में चला जाता है जिसे ट्रैक करना मुश्किल होता है। स्मार्ट फोन का उपयोग करने वाले सभी लोगों की स्वयं की जिम्मेदारी है कि वे अपने डाटा, अकाउंट, नम्बर की सुरक्षा स्वयं करें। वर्तमान में स्मार्ट फोन बम से ज्यादा खतरनाक है।
श्रीनिवास ने कहा कि अपनी फोटो या डाटा किसी भी गैर व्यक्ति से कभी शेयर न करें। वर्तमान में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को वीडियो कॉल कर अरेस्ट करने का डर दिखाकर फंसाया जा रहा है। जब आपने कोई अपराध नहीं किया तो किस बात का डर। इस प्रकार किसी के भय के चलते अपना सारा विवरण देने की आवश्यकता नहीं है। केवल पुलिस में रिपोर्ट करें। एसीपी ने कहा कि विद्यार्थी स्वयं भी स्मार्ट बनें और लोगों को भी जागरूक करें। स्वयंसेवी के तौर पर साइबर सिम्बा में पंजीकरण कर जागरूकता के कार्य में भागीदार बनें।
फर्जी एआई टूल्स से फोटो बदलकर ठगी के बढ़ते मामले
एसीपी ने विशेष तौर पर लड़कियों को अपने पर्सनल डाटा, फोटो आदि शेयर न करने की सलाह दी, क्योंकि एआई के उपयोग से शिकार बनाकर धोखाधड़ी व ब्लैकमेलिंग की जा सकती है। अवसर पर साइबर क्राइम्स डीसीपी वी. अरविन्द बाबू ने कहा कि फोन पर कुछ भी आता है तो उसके लालच में जल्दबाजी न करें और जानकारी साझा न करें। एक बार एपीके फाइल डाउनलोड होते ही सारा डाटा साइबर अपराधी के पास चला जाता है। वर्तमान में युवा ऑनलाइन गेम, लॉटरी आदि के चक्कर में पड़ रहे हैं।
इससे उनका न केवल समय बर्बाद होता है बल्कि उनका खाता भी खाली हो जाता है। वर्तमान में पुलिस थाने में कई ऐसे ऑनलाइन गेमिंग और लॉटरी के केस दर्ज हुए हैं। नियम के अनुसार ऑनलाइन गेम खेलना भी अपराध की श्रेणी में आता है। एआई टूल को न डाउनलोड करें, न ही उसके टूल का उपयोग करें। एआई टूल से फोटो को बदलकर अपराधी कुछ भी कर आपको बदनाम करने के नाम पर पैसा ठग सकता है। ऐसे ऐप्स से स्वयं की रक्षा करें और दूसरे को भी बचाकर जिम्मेदार नागरिक बनें।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी
अवसर पर विद्यार्थियों को अपने डाटा, फोटो, ओटीपी आदि किसी के साथ शेयर न करने की प्रतिज्ञा दिलाई गई। साथ ही साइबर अपराध के नं. 1930 पर रिपोर्ट दर्ज करने का भी प्रण दिलवाया गया। श्री गुजराती प्रगति समाज के सदस्य घनश्याम पटेल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि हम डिजिटल दुनिया में रह रहे हैं जहाँ स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, ऑनलाइन क्लासेस और इंटरनेट सर्विसेज़ हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन गए हैं। टेक्नोलॉजी ने सीखना आसान और कम्युनिकेशन को तेज़ बना दिया है। इन फायदों के साथ-साथ साइबर दुनिया ने कई खतरे भी पैदा कर दिये हैं। इसके लिए जरूरी है कि सभी साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहें।
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इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल ज़िम्मेदारी से और स्मार्ट तरीके से कैसे किया जाए, इस पर जागरूकता कार्यक्रम हैदराबाद पुलिस के सहयोग से आयोजत किया गया। अतिथि वक्ता एसीपी श्रीनिवास, डीसीपी वी. अरविंद बाबू का सम्मान समाज के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में श्री गुजराती प्रगति समाज के सदस्य घनश्याम पटेल, संयुक्त सचिव राजेश सी. शाह, रमेश सावला, उदय मेहता, अनिल पटेल, निदेशक डॉ. वाई.के.एम. नायुडू, प्रो. ए. माधवी लता सहित शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि व विद्यार्थी उपस्थित थे।
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