कट्टरपंथ-हथियार तस्करी केस में राजस्थान के शैक्षणिक ट्रस्ट पर ईडी का आरोपपत्र
नयी दिल्ली, प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को कहा कि उसने राजस्थान स्थित एक शैक्षणिक ट्रस्ट और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ अवैध धर्मांतरण, हवाला सौदों और हथियारों की तस्करी से जुड़े धनशोधन के आरोपों में आरोपपत्र दाखिल किया है।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट (एईटी), इसके प्रवर्तकों मोहम्मद सादिक और कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र 30 जनवरी को जयपुर की विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में दायर किया गया था। आरोप है कि सादिक ने बीकानेर में मस्जिद-ए-आयशा का प्रबंधन करने वाली एईटी पर वास्तविक नियंत्रण स्थापित किया और उसने धार्मिक, सामाजिक और मानवीय कारणों के नाम पर एकत्र किए गए दान का व्यवस्थित रूप से दुरुपयोग किया।
ईडी ने कहा कि ट्रस्ट नियमित रूप से बड़ी मात्रा में सार्वजनिक दान एकत्र करता था, जिसमें ज्यादातर नकद राशि होती थी, लेकिन वह उचित लेखा-पुस्तकों, लेखापरीक्षाओं या आयकर संबंधी दस्तावेजों का रखरखाव नहीं करता था। एजेंसी ने कहा कि विदेश से प्राप्त 64 लाख रुपये के अनधिकृत विदेशी अंशदान को एफसीआरए के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से एईटी के खातों में अंतरित किया गया और इसे वैध धर्मार्थ दान के रूप में गलत तरीके से प्रदर्शित किया गया।
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एजेंसी ने सादिक के खिलाफ राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज की गई दो प्राथमिकी का संज्ञान लिया है, जिनमें उन पर कट्टरपंथी गतिविधियों, हवाला सौदों, जबरन धर्म परिवर्तन, अवैध हथियार तस्करी और संदिग्ध उच्च मूल्य के वित्तीय लेनदेन में संलिप्तता के आरोप हैं। इस मामले में संघीय जांच एजेंसी ने सितंबर 2025 में बीकानेर में ट्रस्ट के ठिकानों पर छापेमारी की थी। (भाषा)
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