गौ माता, माता-पिता और ब्राह्मणों का करें आदर : देवी स्वीकृतिजी
हैदराबाद, जो व्यक्ति गौ माता, माता-पिता और ब्राह्मण का अनादर करता है, उसे प्रभु पसंद नहीं करते। माता-पिता को प्रत्यक्ष भगवान मानें। जो लोग सेवा करते हैं, उनके इहलोक और परलोक दोनों ही सुधर जाते हैं। उक्त उद्गार बड़ी चावड़ी स्थित श्री जलाराम बापा मंदिर में श्री हैदराबाद सिकंदराबाद लोहाणा महाजन, लव फॉर काऊ फाउंडेशन एवं हैदराबाद सुंदरकांड मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत पारायण के चतुर्थ दिवस कथा की महत्ता बताते हुए कथा वाचक देवी स्वीकृतिजी अच्युत रामानुज ने व्यवत किये।
देवी स्वीकृतिजी ने कहा कि भक्ति रस की बरसात होने वाली है, भगवान आने वाले हैं, तो अलग जोश होता है। भक्त जानते हैं कि भगवान आयेंगे, तो सारे कष्ट अपने आप ही दूर हो जाएँगे। भगवान के प्रति जब भक्ति की पूर्ण रूप से शरणागति होती है, तो भगवान किसी न किसी रूप में सेवा कराने आ जाते हैं। व्यक्ति को किसी न किसी रूप में सेवा के साथ जुड़ना चाहिए। अन्नदान, गौ सेवा, वृद्धों की सेवा, माता-पिता की सेवा, दीन दुखियों की सेवा के माध्यम से प्रभु को प्राप्त किया जा सकता है। माता-पिता की सेवा परम धर्म है। जिनके कारण यह प्राण मिलें, यदि उनकी ही सेवा नहीं की, तो जीवन व्यर्थ है।
यह भी पढ़ें… साध्वी सुलक्षणाश्रीजी म.सा. की गुणानुवाद सभा संपन्न
वामन अवतार और राजा बलि की कथा महत्ता
देवी स्वीकृतिजी ने कहा कि किसी व्यक्ति के हृदय को दुःखी मत करें। जितना हो सके परोपकार करें। हमारी क्रियाएँ यदि सुन्दर होंगी, तो अपने आप सुन्दरता दिखेगी। सुन्दरता रूप की नहीं है। जीवन में इच्छा पूर्ति के लिए कई तरीके के व्रत हैं, जिनसे भगवान को पाया जाता है। इनमें सबसे पहला है दास भाव। प्रभु के साथ दास का संबंध बनाएँ, तो जीवन में बहुत कुछ प्राप्त कर लेंगे। कलिकाल के लोगों में कई दोष हैं, बस जीवन में एक काम करें, कन्हैया का हाथ पकड़ लें, जीवन का बेड़ा पार हो जाएगा।
कथावाचक ने वामन अवतार की कथा की महत्ता बताते हुए कहा कि इन्द्र ने राजा बलि को हरा दिया। बलि अपने गुरु शुक्राचार्य के चरणों में गये। दुनिया से हारकर व्यक्ति गुरु के पास जाता है। सच्चा गुरु वही है, जो हारे का सहारा बने। राजा बलि शुक्राचार्य के पास गये, तो शुक्राचार्य ने विश्वजीत यज्ञ करने को कहा। विश्वजीत यज्ञ को जो पूर्ण कर लेता है, उसे संपूर्ण विश्व में कोई हरा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मंजिल बड़ी हो तो रास्ता लंबा होता है। मंजिल दूर है, तो रास्ता लंबा होगा और बीच में कई रुकावटे भी आयेंगी।
विश्वजीत यज्ञ को रोकने के लिए देवताओं ने नारायण से प्रार्थना की और प्रभु ने वामन अवतार लिया। राजा बलि, जो ब्राह्मण का मान रखते थे, ने उनसे माँगने को कहा, तो प्रभु ने तीन पग भूमि माँगी। इस पर शुक्राचार्यजी समझ गए, उन्होंने राजा को रोका, पर राजा बलि संकल्प के पक्के थे। सो तीन पग भूमि दी। प्रभु ने विशाल रूप धारण कर एक पग में ब्रह्मांड, एक पग में धरती नाप ली और तीसरा पग राजा बलि के सिर पर रखकर उसका उद्धािसकया। अवसर पर श्री राम एवं श्री कृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
संपूर्ण कार्यक्रम और प्रमुख उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
अवसर पर चाँदी का सुंदरकांड लव फॉर काऊ के ट्रस्टी वीरेन्द्र अग्रवाल की ओर से कथा वाचक देवी स्वीकृतिजी एवं सुन्दर कांड मंडल हैदराबाद को भेंट किया गया। आज के संपूर्ण कार्यक्रम लाभार्थी श्री गुजराती प्रगति समाज एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्यगण थे। गुरुवार, 18 सितंबर को नंदोत्सव, श्री कृष्ण बाल लीला एवं गोवर्धन लीला की कथा होगी। संपूर्ण कार्यक्रम के लाभार्थी महेश भाई शिवजी भाई पटेल होंगे।
अवसर पर श्री गुजराती प्रगति समाज अध्यक्ष गोविंददास शाह, उपाध्यक्ष महेश पटेल, संयुक्त सचिव घनश्याम पटेल, अंबालाल पटेल, भारती पटेल, अरविन्द पटेल, रमेश सावला, कच्छी मित्र मंडल ट्रस्टी प्रदीप संघवी, लोहाणा समाज के अनिल तन्ना, विजय सिंघाड़ा, अरविन्द मेहता, जयेश राजानी, जितेश राजानी, राजेश चोटाई, मुकेश तेली, हार्दिक चोटाई, श्रद्धा चोटाई, अल्पा चोटाई, अशोक उदवानी, अश्विन उदवानी, विकास जोबन पुत्र, जितेश मंडाविया, मीना ठक्कर, वनीता बेन विठलानी. बीना पौराना, भावना लखानी, रीता पटेल, चारूबेन हिंडोचा, लता बेन पालन, लता प्रजापति, कुसुम बेन ठक्कर, नलिनी बेन समानी, हीना बेन हिंडोचा, जयश्री बेन पांड्या, दक्षा बेन घेलानी, दीपिका नाथवानी, जसमत पटेल, रिद्धीश जागीरदार, मुकेश चौहान, सतीश जाजू, अशोक उडवानी, धनेशा, भरत जासानी, श्रीनिवास सोमानी, वियो अध्यक्ष विनोद पटेल व अन्य उपस्थित थे।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



