दिल्ली में हड़ताल के नाम पर ड्रामेबाजी कर रहे रेवंत : दासोजू श्रवण

हैदराबाद, विधान परिषद सदस्य डॉ. दासोजू श्रवण ने पिछड़ा वर्ग आरक्षण के मामले पर दिल्ली में हड़ताल के नाम पर ड्रामेबाजी करने का मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर आरोप लगाया और प्रश्न किया कि बीसी आरक्षण मुद्दे पर क्यों मुख्यमंत्री सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली नहीं ले जा रहे हैं? भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए एमएलसी डॉ. दासोजू श्रवण ने मांग करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग आरक्षण के लिए यदि मुख्यमंत्री प्रतिबद्ध हैं तो तुरंत ही सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली ले जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट करें और बीसी मुद्दे का समाधान निकालें।

कुमार ने कहा कि व्यक्तिगत मामलों पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी लीगल ओपिनियन लेते रहे हैं तो क्यों बीसी रिजर्वेशन पर विधि सलाह नहीं ले रहे हैं? उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि बीसी रिजर्वेशन मुद्दे पर राज्यसभा सदस्य अभिषेक मनु सिंघवी से सलाह लें तो बेहतर होगा। उन्होंने प्रश्न किया कि राज्य में कराई गई जातिगत जनगणना के विवरण क्यों सार्वजनिक नहीं किए गए हैं?

कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को जातिगत जनगणना की रिपोर्ट सौंपी है परंतु तेलंगाना में इसे सार्वजनिक करने में क्या दिक्कत है? उन्होंने कहा कि यदि निकाय चुनाव तक बीसी रिजर्वेशन राज्य में अमल नहीं किया गया तो रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं होगा।

सभी योग्य परिवारों को मिले राशन कार्ड

एमएलसी डॉ. दासोजू श्रवण कुमार ने राज्य सरकार से राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले सभी योग्य पात्र परिवारों को राशन कार्ड मंजूर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हर योग्य गरीब परिवार को सहारा देने की जिम्मेदारी सरकार की है इसलिए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले हर योग्य परिवार को राशन कार्ड दिया जाए। उन्होंने सरकार द्वारा नए राशन कार्ड वितरण के दौरान राशन कार्ड पाने वाले सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रजा पालना कार्यक्रम के दौरान राशन कार्ड के लिए कितने आवेदन प्राप्त किए गए हैं?

उसके बाद ऑनलाइन पर कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं उन आवेदनों के आंकड़े पारदर्शिता के साथ जारी किए जाएं। उन्होंने खैरताबाद निर्वाचन क्षेत्र को 1959 राशन कार्ड जारी किए जाने को लेकर मंत्री का आभार भी व्यक्त किया, वहीं स्पष्टता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड के लिए खैरताबाद सर्कल में 22,399 आवेदन प्राप्त किए गए हैं परंतु उनमें केवल 1959 राशन कार्ड ही मंजूर किए गए हैं यह अन्याय है। सरकार इस पर स्पष्टता दे।

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राशन कार्ड वितरण पर क्षेत्रीय असमानता का सवाल

कुमार ने कहा कि बहादुरपुरा, जुबली हिल्स, कारवान, नामपल्ली निर्वाचन क्षेत्र में प्रति निर्वाचन क्षेत्र 5 हजार से अधिक राशन कार्ड वितरण की जानकारी मिली है अब खैरताबाद और इन निर्वाचन क्षेत्रों में इतना अंतर क्यों है ? क्या अधिकारियों ने इन निर्वाचन क्षेत्रों में जांच का काम अधिक किया है या खैरताबाद में कम किया है पता नहीं परंतु सरकार जनता को स्पष्टता दे।

एमएसली श्रवण कुमार ने पूर्व केसीआर शासन के दौरान एक भी राशन कार्ड नहीं दिए जाने के लगाए गए आरोपों को वास्तविकता से परे बताया और कहा कि पूर्व केसीआर शासन के दौरान वर्ष 2016 से 2023 के बीच 6,47,479 राशन कार्ड वितरित किए गए थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में बीआरएस की सरकार जब बनी थी तब राशन कार्ड पर परिवार के 4 सदस्यों को 4 किलो चावल दिया जाता था। उसे बढ़ाकर प्रति व्यक्ति 6 किलो किए जाने का श्रेय पूर्व केसीआर सरकार को ही जाता है।

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