गरीबों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरना चाहते हैं रेवंत

हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विकास की नयी परिभाषा सामने रखते हुए कहा कि गरीबों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरना ही उनके लिए विकास है। उन्होंने यह विचार एक साहित्यिक कार्यक्रम में व्यक्त किये। मुख्यमंत्री ने ने कहा, “मैं अपने पद का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं करूंगा। मैं गरीबों के उत्थान के लिए काम करूंगा। मैं तेलंगाना के विकास के लिए लगातार काम करता रहूँगा। जनता द्वारा मुझे दिए गए इस अवसर का उपयोग मैं उनके उत्थान के लिए करूंगा।”

सीएम रेवंत एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई भी वास्तविक आंदोलनकारी खुद को कभी भी आंदोलनकारी नहीं बताता। जो लोग खुद को आंदोलनकारी कहते थे, उनके पास आज टीवी, अखबार और हजारों करोड़ का संपत्तियाँ हैं। उन्होंने याद दिलाया कि गूडा अंजय्या, अंदेश्री, गद्दर और गोरेटी वेंकना जैसे कवियों ने तेलंगाना की जनता को प्रेरित किया है।

रेवंत रेड्डी ने आगे कहा, “मैं कभी भी उन लोगों के खिलाफ सत्ता का प्रयोग नहीं करूंगा, जिन्हें मैं पसंद नहीं करता। मैं कभी किसी को दुश्मन नहीं मानता। मेरी जीत ही मेरे विरोधियों का दुःख है। तेलंगाना की जनता ने मुझ पर एक बड़ी ज़िम्मेदारी डाली है। कोई भी बड़ी-बड़ी इमारतें बना सकता है, लेकिन कांच की छतें और रंगीन दीवारें विकास नहीं हैं। असली विकास तब होता है जब गरीब आत्मसम्मान के साथ रहते है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही 4 लाख इंदिरम्मा घरों के साथ गरीब परिवार आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन करेंगे। राशन कार्ड और बारीक चावल से गरीबों का आत्मसम्मान बढ़ा है। उनका लक्ष्य 2047 तक तेलंगाना को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। तेलंगाना को दुनिया में एक महान राज्य के रूप में बदलने के लिए वे लगातार काम कर रहे हैं।

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