केसीआर की गिरफ़्तारी के मूड में नहीं रेवंत?
हैदराबाद, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी अपने पूर्ववर्ती के. चंद्रशेखर राव को गिरफ़्तार करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं, जिनके ख़िल़ाफ कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई योजना (केएलआईएस) पर न्यायमूर्ति पी.सी. घोष जाँच आयोग ने सभी चूकों के लिए ज़िम्मेदारी तय की थी। गुरुवार को नई दिल्ली में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने गिरफ़्तारी की संभावना को कम करके आँका और कहा कि चंद्रशेखर राव के एर्रावेली फार्महाउस में नज़रबंद रहने और भविष्य में गिरफ़्तारी की स्थिति में चेर्लापल्ली सेंट्रल जेल में रहने में ज़्यादा फ़र्क नहीं है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि जब उन्होंने फार्महाउस में ख़ुद को सीमित कर लिया है, तो उन्हें गिरफ़्तार करने की क्या ज़रूरत है? उन्होंने आगे कहा कि उनके फार्महाउस और जेल में ज़्यादा फ़र्क नहीं है। केएलआईएस में घोर अनियमितताओं के लिए चंद्रशेखर राव और पूर्व सिंचाई मंत्री टी. हरीश राव सहित अन्य बीआरएस नेताओं पर आपराधिक दायित्व तय करने की बढ़ती मांग की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री की टिप्पणियों का महत्व बढ़ गया है।
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फोन टैपिंग में पूर्व मुख्यमंत्री पर सियासी घेरा
चूँकि कानून घोष आयोग को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश करने की अनुमति नहीं देता है, इसलिए आयोग ने सरकार से आवश्यक कदम उठाने को कहा है। पूर्व मुख्यमंत्री का नाम फोन टैपिंग मामले में भी सामने आ सकता है, क्योंकि मामले की जाँच कर रही पुलिस का दावा है कि कुछ आरोपियों ने बिग बॉस के इशारे पर इस अवैध कृत्य को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने दावा किया है कि बिग बॉस चंद्रशेखर राव थे। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को कानूनी और प्रशासनिक मुद्दे के बजाय राजनीतिक रूप से हल करने का फैसला किया है, जैसा कि उनके इस दावे से स्पष्ट है कि चंद्रशेखर राव को जनता की अदालत में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है और वह अपनी सज़ा काट रहे हैं।
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