रेवंत रेड्डी 99 दिन अभियान : आसरा पेंशन से हटे 3 लाख अयोग्य, सड़कों के गड्ढों पर व्हाट्सऐप
हैदराबाद, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के कलेक्टरों को निर्देश दिये हैं कि 99 दिनों के कार्यक्रमों में वार्ड सदस्य, सरपंच, नगर पालिका वार्ड सदस्य, चेयरमैन, कॉरपोरेटर और मेयरों को सहभागी बनाया जाए। जनप्रतिनिधियों के लिए जिला केंद्रों में एक दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर जागरूक किया जाए तथा उन्हें मुद्रित सामग्री उपलब्ध करवाई जाए।

मुख्यमंत्री 99 दिन के अभियान पर राज्य के कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राजधानी हैदराबाद के तीनों नगर निगमों सहित शहरों और कस्बों में स्थित वर्किंग वुमेंस हॉस्टल, बॉयज और गर्ल्स हॉस्टलों का पंजीकरण करने के निर्देश दिये। साथ ही कहा है कि इनके संचालन की अनुमति और निगरानी सुनिश्चित हो तथा प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए। स्कूलों और कॉलेजों में गांजा, ड्रग्स और ई-सिगरेट के उपयोग की स्थिति में संबंधित शिक्षण संस्थान प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रत्येक निजी और कॉरपोरेट स्कूल व कॉलेज में विषय शिक्षकों और पीईटी की तरह एक मनोवैज्ञानिक भी नियुक्त किया जाए।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए कृषि पंप सेटों के स्थान पर सोलर पंप सेट के उपयोग के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने सोलर मोटरों के लाभ किसानों को समझाने, घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने, सौर ऊर्जा उपयोग करने तथा ग्रिड से जोड़कर आय अर्जित करने के विषय में सभी गांवों में विद्युत विभाग जागरूकता अभियान चलाने पर ज़ोर दिया।
कृषि विभाग को मृदा परीक्षण और फसल हेतु सुझाव देने के आदेश
रेवंत रेड्डी ने ग्राम एवं वार्ड सभाओं में नए राशन कार्ड, अच्छे चावल, इंदिरम्मा आवास, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, ऋण माफी, मुफ्त बस यात्रा, 500 रुपये में गैस सिलेंडर जैसी योजनाओं के लाभार्थियों का विवरण बताने तथा इन योजनाओं से ग्राम, मंडल, विधानसभा क्षेत्र और जिला स्तर पर हुए लाभ को जनता के सामने प्रस्तुत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग मृदा परीक्षण कर समय पर किसानों को जानकारी दे। किस भूमि में कौन सी फसल बेहतर होगी, यह बताया जाए। बाजार में मांग वाली फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। फसल चक्र और फसल विविधता के लाभ समझाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 35 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सेवाएं जनता तक पहुंचनी चाहिए। पीएचसी, सीएचसी तथा अन्य स्थानीय स्वास्थ्य संस्थान मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ही रेफर करें। मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक उपकरण, चिकित्सा विद्यार्थी, डॉक्टर और प्रोफेसरों की सेवाओं का समुचित उपयोग किया जाए। उन्होंने इस बात को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि पात्र व्यक्तियों को ही लाभ मिले और प्रत्येक सरकारी योजना के लाभार्थियों की फेशियल रिकग्निशन की जाए। उन्होंने उदाहरण दिया कि आसरा पेंशन में फेशियल रिकग्निशन लागू करने से 3 लाख अपात्र नाम हटाए जा सके हैं।
तकनीक का सही उपयोग न होने के कारण इतनी बड़ी संख्या में लोग अनुचित लाभ उठा रहे थे। उन्होंने परिवहन विभाग का डेटा पूर्ण रूप से ऑनलाइन करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्कूल बसों तथा अन्य वाहनों की फिटनेस जांच नियमित रूप से की जाए और आरटीसी बस चालकों के साथ-साथ ट्रक और अन्य मालवाहक वाहन चालकों की नेत्र जाँच के लिए शिविर लगाए जाएँ।
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मलबा डालने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सीएम ने कहा कि सड़कों पर बड़े पैमाने पर गड्ढों और दुर्घटना स्थल की जानकारी प्राप्त करने के लिए परिवहन विभाग एक व्हाट्सएप नंबर जारी करे, ताकि प्राप्त सूचना के आधार पर वहां मरम्मत और अन्य आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि ओआरआर और उससे जुड़ी सर्विस रोड के किनारे भारी मात्रा में कचरा और निर्माण मलबा डाला जा रहा है। कचरा डालने वाले वाहनों को पकड़कर जुर्माना लगाया जाए और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाएं। इसके लिए ओआरआर एजेंसी को भी जिम्मेदार ठहराया जाए।
रेवंत रेड्डी ने मध्याह्न भोजन एजेंसियों को हर महीने बिलों का भुगतान करने, बच्चों को पौष्टिक आहार के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने नैनो यूरिया के लाभ खेत स्तर पर प्रदर्शन कर किसानों को जानकारी देने तथा कृषि और नागरिक आपूर्ति विभाग को समन्वय के साथ काम करने का सुझाव भी दिया।
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