उमिया माता मंदिर में द्वितीय पाटोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न
हैदराबाद, उमिया धाम मेडचल में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज हैदराबाद सिकंदराबाद द्वारा संचालित दक्षिण भारत के प्रथम माँ उमिया माता मंदिर में पाटीदार बंधुओं की कुलदेवी उमिया माता, श्री लक्ष्मीनारायण भगवान, श्री देवादि देव नरमदेश्वर महादेव, श्री गणेश एवं हनुमानजी की प्राण प्रतिष्ठा को दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में द्वितीय पाटोत्सव का आयोजन किया गया।
यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रचार प्रसार संयोजक जसवंत सुराणी ने बताया कि समाज चेयरमैन कांतिलाल गोराणी, अध्यक्ष अमृतभाई छाभैया एवं कार्यक्रम संयोजक करमशी पटेल के नेतृत्व में द्वितीय पाटोत्सव के अंतर्गत कलश पूजन, अभिषेक, मूल विग्रह अभिषेक, हवन, ध्वजारोहण आदि कार्यक्रम सम्पन्न हुए। प्रथम धर्म ध्वज ट्रस्टी जयंतीभाई रामजी सुराणी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अध्यक्ष अमृत शामजी छाभैया, संगठन अध्यक्ष करमशीभाई दयाभाई पटेल, ट्रस्टी अध्यक्ष कांतिलाल गोराणी, ट्रस्टी दामोदार शिवजी लिंबानी, ट्रस्टी मणिलाल नारायण सोमजियाणी, ट्रस्टी जयंतीलाल हिरजी लिंबानी, महामंत्री रमेश विश्राम राजानी, मंत्री पुरुषोत्तम पटेल, मंत्री रमेश लिंबानी, कोषाध्यक्ष शामजीभाई पटेल, नवनीत नारायण सेठिया, केशवलाल पटेल, मोहनभाई छाभैया, मुख्य यजमान शंकर कांतिलाल भावानी, रमेश पटेल, प्रवीण पटेल, पंडित प्रशान्त महाराज के साथ उत्सव मूर्ति का जल अभिषेक किया गया। पंचामृत स्नान, 151 कलश जल अभिषेक, गृहलक्ष्मी द्वारा किया गया।
36 फीट ऊंचा श्री राम स्तंभ बना आस्था और संस्कृति का प्रतीक
अवसर पर माताजी की चौकी का आयोजन भी हुआ, जिसमें हैदराबाद के कलाकार विजय जाजू एवं साथियों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयीं। कार्यक्रम में तितिदे धर्म प्रचार बोर्ड सदस्य स्वामी कमलेश महाराज, लव फॉर काऊ चेयरमैन जसमत पटेल, ट्रस्टी रिद्धीश जागीरदार, जैन माइनॉरिटी काउंसिल संयोजक मुकेश चौहान आदि विशेष रूप से उपस्थित थे। अवसर पर दानदाताओं एवं सहयोगियों का अभिनंदन किया गया।
कमलेश महाराज ने कहा कि द्वितीय पाटोत्सव में भाग लेने का अवसर पाकर आज मेरा हृदय अत्याधिक खुशी और श्रद्धा से भर गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह स्मारकीय आयोजन न केवल तेलंगाना के आध्यात्मिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, बल्कि हमारे लोगों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गहरी आस्था को भी दर्शाता है। इसके पवित्र परिसर के बीच एक चमत्कार सामने आता है। एक 36 फीट ऊँचा श्री राम स्तंभ है, जिसे अष्टकोणीय आकार में जटिल रूप से तैयार किया गया है। इसकी दीवारों के भीतर, धर्म के प्रतीक और सनातन धर्म के प्रतीक भगवान श्री राम के नाम पर अंकित हजारों करोड़ राम मंत्र गूंजते हैं।

प्रदक्षिणा और मंत्र जाप से सकारात्मक ऊर्जा का संदेश
महामंत्री रमेश विश्राम राजानी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज हैदराबाद सिकंदराबाद द्वारा संचालित श्री उमिया धाम, मेडचल में दक्षिण भारत में प्रथम बार पाटीदार बंधुओं की कुलदेवी माँ उमिया माता के विशाल मंदिर के साथ-साथ श्री लक्ष्मीनारायण भगवान, श्री देवादि देव महादेव की प्रतिष्ठा से लेकर वर्तमान समय तक की विस्तृत जानकारी दी।
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कांतिलाल गोराणी ने कहा कि आज जब यहाँ एकत्रित हुए हैं, तो आइये न केवल श्री राम स्तंभकी स्थापत्य भव्यता के दर्शन करें, बल्कि इसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में भी गहराई से जानें। ऐसा माना जाता है कि प्रदक्षिणा के पवित्र अभ्यास के माध्यम से श्रीराम मंत्र जाप करते हुए स्तंभ के चारों ओर चक्कर लगाने से व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उत्थान के गहन स्तर को प्राप्त कर सकता है। सनातन धर्म के सार में निहित यह प्राचीन परंपरा हमें भक्ति और ध्यान की परिवर्तनकारी शक्ति की याद दिलाती है।
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