मुस्कुराओ, क्योंकि मुर्दा नहीं मुस्कुराता : मुनिश्री तरूण सागर

मुस्कुराओ, क्योंकि ज़िंदा आदमी ही मुस्कुराता है, मुर्दा कभी नहीं मुस्कुराता । मुस्कुराओ, क्योंकि मुस्कुराता हुआ बुट्टा भी अच्छा लगता है, लेकिन रोता हुआ बच्चा भी बुरा लगता है। मुस्कुराओ, क्योंकि आदमी स्मार्ट मोबाइल से नहीं, स्माइल से बनता है। मुस्कुराओ, क्योंकि मुस्कुराहट का कोई साइड इफैक्ट नहीं होता। मुस्कुराओ, क्योंकि जब पांच सैकेंड मुस्कुराते हैं तो फोटो सुंदर आती है। हर वक्त मुस्कुराने लगो तो जीवन सत्यं शिवं सुंदरम् बन जाएगा।

एक मिनट का गुस्सा

सावधान ! आपका एक मिनट का गुस्सा पूरा भविष्य बिगाड़ सकता है। क्रोध में कोई आग बने तो आप पानी बन जाइए। वह थोड़ी देर फूं-फां करके खुद-ब-खुद ढीला पड़ जाएगा। क्रोध अपेक्षा की उपेक्षा होने पर आता है। इसलिए किसी से अपेक्षा मत रखिए। अगर पत्नी कभी गुस्से में आकर पति को ‘जानवर’ कह दे तो बुरा नहीं मानना, बल्कि उससे कहना ‘तू मेरी जान’ और ‘मैं तेरा वर’। दोनों मिलकर बन गए ‘जानवर’।

चिता समान है चिंता

आज का आदमी पत्नी के साथ नहीं बल्कि चिंता के साथ रहता है। पत्नी-पति के साथ नहीं बल्कि चिंता के साथ रहती है। माँ-बाप बच्चों के साथ नहीं बल्कि चिंता के साथ रहते हैं। याद रखें, चिंता चिता है और चिन्तन चिंता का समाधान। आदमी घर-परिवार, बीबी-बच्चों की चिंता करता है, पर मेरा कहना है कि अगर चिंता ही करनी है तो इस बात की चिंता करो कि मरने के बाद मेरा क्या होगा ?

टकराव से बिखराव

दो बर्तन टकराते हैं तो आवाज़ आती है। सच है, टकराने से आवाज़ आती है, लेकिन वह आवाज़ कर्कश हो, यह जरूरी नहीं है। यद्यपि टकराव से बिखराव होता है, पर संगीत भी तो दो वस्तुओं के टकराने से ही पैदा होता है। ध्यान रखना, संबोधन अच्छे हों तो संबंध अच्छे होते हैं। क्या तुम्हें नहीं पता कि जब दीवार में दरार पड़ती है तो दीवार गिर जाती है और जब रिश्तों में दरार पड़ती है तो दीवार खड़ी हो जाती है।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button