गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा, केंद्र का 12 कंपनियों के साथ समझौता
नई दिल्ली, सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए काम करने वाले लोगों और ‘गिग’ कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए उसने 12 कंपनियों से समझौते किए हैं ताकि उन्हें ईपीएफओ और ईएसआईसी के दायरे में लाया जा सके।
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उनसे ई-कॉमर्स कंपनियों के कर्मियों और ‘गिग वर्कर’ की सामाजिक सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में सवाल किया गया था। करंदलाजे ने कहा कि ‘गिग’ एवं ई-कॉमर्स प्लेटफार्म कर्मी देश में नए तरह का काम है। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मियों को ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) और ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) के दायरे में लाने के लिए अलग-अलग 12 कंपनियों से एमओयू किए गए हैं।
इस क्रम में ब्लिंकिट, जोमैटो, फ्लिपकार्ट, अमेजॉन आदि कंपनियों का नाम लिया। उन्होंने कहा कि ऐसी खबर है कि इन कंपनियों में करीब 25 लाख लोग काम कर रहे हैं। ऐसे कर्मियों को ईपीएफओ तथा ईएसआईसी के दायरे में लाने के लिए श्रम एवं रोजगार विभाग काम कर रहा है। (भाषा)
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