सॉफ्टबैंक ने एनवीडिया छोड़ा, अब ओपनएआई और एम्पेयर में लगा रहा पूंजी का तूफ़ान

हैदराबाद, जापान की बड़ी टेक कंपनी सॉफ्टबैंक के शेयर बुधवार को 10 प्रतिशत तक गिर गए, जब कंपनी ने एनवीडिया में अपनी हिस्सेदारी 5.8 अरब डॉलर (लगभग ₹48,000 करोड़) में बेच दी। यह कदम इस बात को दर्शाता है कि कंपनी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में अपने बड़े निवेशों को बनाए रखने के लिए भारी पूंजी की ज़रूरत है।

सॉफ्टबैंक अपने ‘ऑल-इन’ निवेश मिशन के तहत चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई में 22.5 अरब डॉलर का फॉलो-ऑन निवेश करने जा रही है। इसके साथ ही वह एम्पेयर नामक चिप निर्माता कंपनी को 6.5 अरब डॉलर में खरीद रही है और स्विस कंपनी ABB के रोबोटिक्स बिज़नेस को 5.4 अरब डॉलर में अधिग्रहित करने पर भी सहमत हो चुकी है।

CreditSights की विश्लेषक मैरी पोलक के अनुसार, सॉफ्टबैंक ने हाल ही में कम से कम 41 अरब डॉलर के निवेश और अधिग्रहण की प्रतिबद्धता की है। सितंबर के अंत तक कंपनी के पास 4.2 ट्रिलियन येन (लगभग 27.8 अरब डॉलर) नकद राशि थी, लेकिन मौजूदा तिमाही में उसे बड़ी फंडिंग की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि भले ही सॉफ्टबैंक की नकदी स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन कंपनी को अपने 41 अरब डॉलर के निवेश को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से धन जुटाना पड़ेगा। विश्लेषकों का मानना है कि AI कंपनियों के तेजी से बढ़ते मूल्यांकन को लेकर निवेशकों में चिंता है। फिर भी, सॉफ्टबैंक अपने AI निवेश को और गहरा करने में जुटी हुई है।

सॉफ्टबैंक ने टी-मोबाइल और एनवीडिया के शेयर बेचकर जुटाई पूंजी

सॉफ्टबैंक ने बताया कि उसने एनवीडिया के शेयर बेचने के साथ-साथ टी-मोबाइल यू.एस के 9.2 अरब डॉलर के शेयर भी जून से सितंबर के बीच बेच दिए हैं। सॉफ्टबैंक के संस्थापक और सीईओ मसायोशी सोन अपने जोखिम भरे निवेशों और आक्रामक रणनीति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि ‘AI भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रही है।’

न्यू स्ट्रीट रिसर्च के विश्लेषक रॉल्फ बल्क ने कहा कि सॉफ्टबैंक का एनवीडिया से नकारात्मक दृष्टिकोण नहीं है। यह एक बड़ा, तरल और आसानी से नकदी में बदला जा सकने वाला निवेश था। कंपनी अब ओपनएआई जैसे क्षेत्रों में और अधिक लाभ की उम्मीद से पूंजी लगा रही है। सॉफ्टबैंक के शेयर अप्रैल से अक्टूबर के बीच चार गुना बढ़े थे, लेकिन हाल के दिनों में उनमें गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को शेयरों में शुरुआती 10% गिरावट के बाद वे 3.46% नीचे बंद हुए।

कंपनी ने अपने निवेशों को समर्थन देने के लिए बॉन्ड जारी किए और कर्ज भी लिया है। उसने ओपनएआई में निवेश के लिए 8.5 अरब डॉलर का ऋण लिया और एम्पेयर अधिग्रहण के लिए 6.5 अरब डॉलर का ब्रिजिंग लोन तय किया है। सॉफ्टबैंक के विजन फंड के सीएफओ नवनीत गोविल ने कहा कि ‘AI सेवाओं की बढ़ती मांग हमारे निवेश सिद्धांत को सही ठहराती है। यह डॉट-कॉम युग जैसा नहीं है, क्योंकि आज की AI कंपनियां वास्तविक राजस्व कमा रही हैं।’

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