जल नीति पर बीआरएस को घेरने की रणनीति, 29 दिसंबर से शीत सत्र शुरू होने की संभावना
हैदराबाद, तेलंगाना विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 29 दिसंबर से शुरू होने की संभावना है। इसके लिए सरकार ने विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार की शाम को मंत्रियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों और सरकार के एजेंडे को लेकर मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किया। रेवंत रड्डी ने गत दिनों बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव को विधानसभा में आकर कृष्णा-गोदावरी के जल बँटवारे के मुद्दे पर चर्चा करने की चुनौती दी थी।
केसीआर के सत्र में भाग लेने के ऐलान के बाद सरकार इस मुद्दे पर विपक्षी दल को घेरने की रणनीति बनाने में जुट गई है। इस बैठक में जल बँटवारे के मुद्दे पर सरकार की रणनीति पर चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि राज्य सरकार शीतकालीन सत्र में नदी जल बँटवारे के मुद्दे पर पिछली सरकार की गलतियों को उजागर करेगी। इसके अलावा हाल ही में संपन्न तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट को लेकर चर्चा हो सकती है।
शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार पास लंबित मुद्दों, आंध्र प्रदेश द्वारा गैरकानूनी ढंग से तेलंगाना के हिस्से के जल का इस्तेमाल करने तथा बिना अनुमति के परियोजनाएँ का निर्माण करने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। इस दौरान बीआरएस सरकार की जल नीति के बारे में भी चर्चा होने के आसार है। सरकार ने सदन के जरिए जनता तक बीआरएस की विफलताओं और तेलंगाना के हितों को नुकसान पहुँचाने वाली नीतियों की जानकारी पहुचाने का मन बनाया है।
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बैठक में आगामी एमपीटीसी, जेडपीटीसी और सरकारी संघों के चुनाव को लेकर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को इन चुनावें में काँग्रेस को बड़ी जीत दिलाने के लिए अधिक सक्रियता से जुटने का निर्देश दिया।
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