InnerPeace
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प्रवचन
प्रभु का वास भीतर है, उसे पहचानें : कनकप्रभाजी
हैदराबाद, व्यक्ति का जीवन हिरण की भांति होता है। जैसे हिरण के भीतर कस्तूरी होती है, जिसकी सुगंध वह बाहर…
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प्रवचन
बाहर की यात्रा बंद कर करें अंदर की यात्रा : जयश्री म.सा.
हैदराबाद, संसार के झगड़े मोह, ममता, राग-द्वेष और आसक्ति के कारण हो रहे हैं। हम जीवन पर्यंत तेरा-मेरा के झंझट…
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