life philosophy
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कविता
प्रतीक्षा
यदि तुमनेसंन्यास का पथ चुना होतातो मैं कुछ नहीं कहतापर वैसा दिख नहीं रहामामला अधर में लटक रहातुम इस किनारे,…
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प्रवचन
प्रभु प्रिय होता है सहृदयी
इस कलयुगी संसार में बहुदा चालाक, कपटी, चापलूस, दोमुँही लोग ही सफलता प्राप्त करते हैं। सीधे व सज्जन लोग इनसे…
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कहानी
सागर से एक संवाद !!
रेत पर नंगे पाँव! दृष्टि क्षितिज तक फैली हुई। सामने अथाह जलराशि, जो आकाश से होड़ लगा रही थी। मैं…
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प्रवचन
कैसे करें पार अहंकार की दीवार
सृष्टि में एकमात्र मनुष्य ही विचारशील प्राणी है, लेकिन अज्ञानता के कारण हमारे विचार ही हमारे अहंकार को जन्म देते…
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विचार मंथन
मेरी मर्जी – हाथ मिलाऊँ या न मिलाऊँ
मुझे क्या पसंद है, क्या नहीं, मुझे किससे बात करनी है, किससे नहीं, यह मेरी मर्जी पर निर्भर होना चाहिए…
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प्रवचन
पहले स्वयं को बदलो
मनुष्य का बस चले तो वह सारी दुनिया को बदल डाले। उसे दुनिया के व्यवहार पसंद नहीं आते। इस दुनिया…
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हमारा शहर
सोच को विशाल रखने पर ही उन्नति : सद्गुरु रमेशजी
हैदराबाद, सद्गुरु रमेशजी ने कहा कि जीवन में अगर कुछ बड़ा करना है, तो सोच को विशाल रखना चाहिए। जीवन…
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