साइबर अपराध के खिलाफ तकनीकी सक्षम सिस्टम अपनाना आवश्यक : श्रीधर बाबू

हैदराबाद, राज्य के आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि साइबर अपराध बड़ी चुनौती के रूप में उभर चुका है, इसलिए अब पारंपरिक पुलिसिंग से हटकर इंटेलिजेंस-आधारित और तकनीकी सक्षम सिस्टम अपनाना जरूरी है।

हाईटेक सिटी के एचआईसीसी में सोसायटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल (एससीएससी) व साइबराबाद पुलिस द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव-2025 को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा कि राज्य का लंबी अवधि का साइबर रोडमैप “तेलंगाना राइजिंग विजन-2047” में समाहित है। उन्होंने बताया कि भारत में इस साल 265 मिलियन से अधिक साइबर हमले दर्ज किए गए, जबकि तेलंगाना में 17,000 से अधिक रैनसमवेयर हमले हुए।

साइबराबाद सुरक्षा परिषद कॉन्क्लेव- 2025, तकनीकी पर जोर

साइबराबाद में अकेले एक वर्ष में 800 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की गई।मंत्री ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार विकसित हो रहे हैं, इसलिए पारंपरिक पुलिसिंग से हटकर इंटेलिजेंस-आधारित और तकनीकी सक्षम सिस्टम अपनाना जरूरी है। उन्होंने राज्य में सेफ स्टे पोर्टल लॉन्च किया, जो हॉस्टल और पीजी की सुरक्षा मापदंडों का मूल्यांकन करता है। टीजीसीएसबी की निदेशक शिखा गोयल ने कहा कि विश्व स्तर पर साइबर अपराध बढ़ रहा है और 2026 तक यह 11.9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

गोयल ने बताया कि तेलंगाना में 93 हजार से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 1,900 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि राज्य ने 2025 में 49% रिफंड सफलतापूर्वक प्राप्त किए हैं, जो तकनीकी हस्तक्षेप और तेजी से समन्वय का परिणाम है। राज्य में एआई-संचालित 24×7 सुरक्षा संचालन केंद्र (एसओसी) चालू किया गया है और साइबर जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के तहत छात्र साइबर क्लब भी बनाए गए हैं।

महिलाओं की सुरक्षा और स्मार्ट शहर प्रबंधन पर अधिकारियों ने दिया जोर

एडीजीपी (सीआईडी) तथा महिला सुरक्षा विंग की डीजी चारु सिन्हा ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत ढांचे, जांच क्षमता और बहु-एजेंसी समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एससीएससी की सराहना करते हुए कहा कि यह सभी हितधारकों को एक साझा मिशन के तहत जोड़ता है। साइबराबाद पुलिस के पुलिस आयुक्त और एससीएससी के अध्यक्ष अविनाश मोहंती ने कहा कि एससीएससी भारत का सबसे मजबूत पीपीपी मॉडल है। महिलाओं की सुरक्षा, साइबर जागरूकता, यातायात प्रबंधन और सामुदायिक आउटरीच जैसे कार्यक्रम सहयोग के महत्व को दर्शाते हैं।

हैद्रा के आयुक्त ए.वी. रंगनाथ ने कहा कि अगर जल निकायों पर अतिक्रमण नहीं रोका गया, तो 15-20 वर्षों में हैदराबाद के अधिकांश झीलें खत्म हो जाएंगी। हैद्रा ने 6,000 करोड़ की संपत्ति वापस हासिल की है और झीलों तथा नालों की सुरक्षा के लिए प्रोएक्टिव उपाय शुरू किए हैं। साइबराबाद के संयुक्त आयुक्त डॉ. गजराज भूपाल ने कहा कि शहर के तेजी से बढ़ते मेट्रोपॉलिटन सिस्टम में स्मार्ट मोबिलिटी और एकीकृत कार्य प्रणाली महत्वपूर्ण हैं।

साइबर सुरक्षा और शहर नियोजन पर विशेषज्ञों ने साझा किए समाधान

भूपाल ने यातायात जाम कम करने और शहर नियोजन में उन्नत समाधान अपनाने पर जोर दिया। यूएस काउंसिल जनरल लॉरा विलियम्स ने कहा कि तेलंगाना में साइबर अपराध में गिरावट देखने को मिली है, जो सक्रिय पुलिसिंग और उद्योग-साझेदारी का परिणाम है। उन्होंने महिलाओं के लिए शी शटल जैसे कार्यक्रमों की प्रशंसा की। अमला अक्किनेनी ने बच्चों की सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सुरक्षा को बच्चों की दैनिक शिक्षा में शामिल करना आवश्यक है।

सम्मेलन में साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, भौतिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर विशेषज्ञ पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें दीपफेक, ऑनलाइन उत्पीड़न, आपातकालीन तैयारी, स्मार्ट ट्रैफिक समाधान और बड़े आयोजनों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में शी शटल, संकल्प, रौशनी, ट्रैफिक मार्शल्स, सीएसआर साझेदार और अन्य सहयोगियों को सम्मानित किया गया। दूसरे चरण के संवाद में एससीएससी सचिव रमेश काज़ा ने भाग लिया। कार्यक्रम सांस्कृतिक प्रस्तुति और धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त हुआ। अवसर पर बालानगर के डीसीपी सुरेश कुमार, माधापुर के डीसीपी रितिराज, राजेंद्र नगर के डीसीपी योगेश गौतम, एसओटी के डीसीपी शोभन कुमार सहित अन्य अधिकारी और एससीएससी के सदस्य भी शामिल थे।

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