तेलंगाना टाइफाइड मामलों में देश में दूसरा
हैदराबाद, राज्य जहाँ कई मामलों में अव्वल है, वहीं टाइफाइड व पैरा टाइफाइड में भी पीछे नहीं है। इस रोग के बढ़ते मामलों ने तेलंगाना को देश में दूसरे नंबर पर पहुँचा दिया है। सूत्रों के अनुसार, देर से प्रकाश में आये आँकड़ों में बताया गया है कि राज्य में वर्ष 2023 में टाइफाइड व पैरा टाइफाइड के 202 मामले दर्ज किये गये थे। भारत के महापंजीयक कार्यालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 के दौरान देशभर में दर्ज टाइफाइड से संबंधित कुल मौतों में लगभग हर पाँच में एक मौत तेलंगाना में हुई थी।
मृत्यु का कारण बताने वाले चिकित्सा प्रमाणन (एमसीसीडी) 2023 के अनुसार, भारत में टाइफाइड व पैरा टाइफाइड से कुल 1075 मौतें दर्ज की गई हैं। भारत की कुल आबादी का लगभग 2.5 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद, तेलंगाना में इन मौतों में लगभग 19 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही है। उल्लेखनीय है कि देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश टाइफाइड व पैरा टाइफाइड के मामले में अव्वल पर है।
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दूषित भोजन-पानी से फैलता है साल्मोनेला टाइफी संक्रमण
वहाँ इन रोगों से सबसे अधिक 377 मौतें दर्ज की गई हैं। पंजाब 118 के साथ तीसरे स्थान पर, जबकि दिल्ली में 36 मौतें दर्ज की गईं। उत्तर प्रदेश की अधिक आबादी को देखते हुए अनुपात के लिहाज से तेलंगाना के आँकड़े अधिक चिंताजनक हैं। उल्लेखनीय है कि टाइफाइड बुखार साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु से होने वाला गंभीर संक्रमण है। यह बीमारी आमतौर पर दूषित भोजन व पानी के माध्यम से फैलती है। उक्त जीवाणु शरीर में प्रवेश करने के बाद बढ़कर रक्त प्रवाह में फैल जाते हैं। समय पर इलाज न होने पर गंभीर स्वास्थ्य संबंधित समस्याएँ हो सकती हैं। टाइफाइड से संक्रमित लोगों में लंबे समय तक तेज बुखार, थकान, सिर दर्द, मतली, पेट दर्द, कब्ज या दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
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