तेलंगाना हाईकोर्ट : प्रतियाचिका दायर करने को लेकर जुर्माने की चेतावनी
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने कहा कि नगर के पेयजलापूर्ति संबंधी जलाशय उस्मान सागर और हिमायतसागर में प्रदूषण निवारण हेतु किए जा रहे कार्यों का विवरण देते हुए प्रतियाचिका दायर करने में राज्य सरकार जान-बूझकर देरी कर रही है। अदालत ने कहा कि सरकार प्रतियाचिका दायर करने के लिए क्यों आगे-पीछे हो रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस बार यदि प्रतियाचिका दायर नहीं की गई, तब सरकार के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा।
अदालत ने प्रतियाचिका दायर करने के लिए राज्य सरकार समेत संबंधित विभागों को आदेश जारी किए। इस संबंध में सिंचाई विभाग, हैदराबाद मलजल निकासी बोर्ड तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किए। नगर में जलाशयों के निकट कॉलोनियों, आवासीय क्षेत्रों से ड्रेनेज का पानी, औद्योगिक व्यर्थ पदार्थ जलाशयों में मिलने से रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों का विवरण देते हुए चार सप्ताह के भीतर प्रतियाचिका दायर करने के म्युनिसिपल विभाग और जीएचएमसी को आदेश दिए। चार सप्ताह के भीतर प्रतियाचिका दायर न करने पर सरकार को जुर्माना भरना पड़ेगा।
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इस आदेश के साथ मामले की सुनवाई 26 मार्च तक स्थगित कर दी। समाचार-पत्र में नगर के जलाशयों के प्रदूषित होने और इस मामले पर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने को लेकर प्रकाशित समाचार पर स्वत: संज्ञान के तहत जनहित याचिका के रूप में स्वीकारते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहियुद्दीन की खण्डपीठ ने सुनवाई की। दलील सुनने के पश्चात प्रतियाचिका दायर करने के लिए सरकार को चेतावनी देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी गई।
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