वैश्विक बाजार में तेलंगाना के चावल की एंट्री

हैदराबाद, सिंचाई और नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने घोषणा की कि तेलंगाना ने फिलीपिंस को चावल की पहली खेप का सफलतापूर्वक निर्यात किया है, जो राज्य के अधिशेष धान के लिए वैश्विक बाजारों में प्रवेश करने की दिशा में बड़ा कदम है।

उत्तम ने पड़ोसी तेलुगु राज्य आंध्र प्रदेश स्थित काकीनाडा बंदरगाह पर शिपमेंट को आज हरी झंडी दिखाने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि फिलीपिंस को 12,500 मीट्रिक टन चावल भेजा गया है। उन्होंने कहा, यह तेलंगाना के किसानों और हमारे कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने बताया कि अनुकूल मिट्टी, जलवायु परिस्थितियों और राज्य सरकार द्वारा प्रदान किये गये सक्रिय समर्थन के चलते तेलंगाना प्रमुख धान उत्पादक राज्य के रूप में उभरा है।

किसानों द्वारा उगाई जाने वाली मुख्य फसल धान है, जिसके उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है। चालू वर्ष में धान का वार्षिक उत्पादन लगभग 280 लाख मीट्रिक टन है। हम अक्सर राज्य और केंद्रीय पूल के लिए आवश्यक से कहीं अधिक उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार धान खरीद और संबंधित लागतों पर भारी खर्च कर रही है।

यह भी पढ़ें… राशन की दुकानों पर चावल से हटकर अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध होगी : उत्तम कुमार

तेलंगाना चावल निर्यात से वित्तीय स्थिति में सुधार की दिशा

केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की लागत प्राप्त करने में हो रही देरी के कारण राज्य सरकार को ब्याज भुगतान के रूप में गंभीर वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ रहा है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने अधिशेष चावल का निर्यात करने के अवसरों की खोज की।

उत्तम ने आगे कहा, हमें फिलीपिंस के साथ अवसर मिला, जिसने तेलंगाना से चावल के नमूनों का गहन मूल्यांकन करने के बाद आयात में रुचि व्यक्त की। उन्होंने आगे बताया कि तेलंगाना और फिलीपिंस के अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा हुई। गुणवत्ता की जांच करने के बाद फिलीपिंस सरकार ने तेलंगाना से शुरू में एक एलएमटी चावल और 8 एलएमटी धान खरीदने का प्रस्ताव रखा।

इसके आधार पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। उन्होंने कहा कि काकीनाड़ा बंदरगाह से चावल की निर्यात दर 36 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन तय की गई है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना में 103 राइस मिलों ने इस निर्यात के लिए एमएसपी धान की मिलिंग में भाग लिया। यह तो बस शुरुआत है।

हमें पूरा विश्वास है कि तेलंगाना का चावल जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत पकड़ बना लेगा। उन्होंने इस उपलब्धि में किसानों, राइस मिल मालिकों और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों की भूमिका के लिए बधाई देते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और राज्य के वित्तीय बोझ को कम करने वाली पहलों का समर्थन करना जारी रखेगी।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button