तेलंगाना में भारी बारिश का कहर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कर रहे हैं हवाई निरीक्षण
हैदराबाद, तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश के बाद कई निचले इलाके और खेत जलमग्न हो गए। कामारेड्डी, मेदक और अन्य जिलों में बुधवार सुबह से हो रही भारी बारिश के कारण छोटी नदियां और अन्य जल निकाय उफान पर हैं, जिसके परिणामस्वरूप गांवों के बीच सड़क संपर्क बाधित हो गया है।
मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार (28 अगस्त) को सबसे अधिक प्रभावित ज़िलों का हवाई सर्वेक्षण किया। बेगमपेट एयरपोर्ट से विशेष हेलिकॉप्टर द्वारा रवाना हुए मुख्यमंत्री के साथ मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और पीसीसी प्रमुख महेश कुमार गौड़ भी मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने जुबली हिल्स स्थित आवास पर उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को राहत उपायों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रशासन अलर्ट पर
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी विभागों को सतर्क रहने और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का आदेश दिया। राज्य मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव ने भी प्रभावित ज़िलों (मेडक, कामारेड्डी, निज़ामाबाद, निर्मल और सिरसिल्ला) के कलेक्टरों व एसपी के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाढ़ग्रस्त गाँवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर राहत शिविरों में ठहराया जाए और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों व ट्रांसफार्मरों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मुख्यमंत्री आवास पर राज्य में बारिश, बाढ़ और राहत उपायों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का, मंत्री श्रीधर बाबू और सीताक्का से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और समय-समय पर तत्काल राहत उपाय करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी आज दोपहर बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के लिए निकले हैं। उनके साथ मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ भी शामिल है। मुख्यमंत्री पेद्दापल्ली, कामारेड्डी और मेदक जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करेंगे।
भारी वर्षा वाले जिलों का हवाई निरीक्षण करेंगे। सेना ने कहा है कि विशेष नौकाओं, आवश्यक उपकरणों और कुशल सैनिकों की मदद से मेदक जिले में फंसे नागरिकों को निकालने, राहत सामग्री वितरित करने और परिवारों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए राहत अभियान चलाया जा रहा है।
भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘भारतीय सेना की बाढ़ राहत टुकड़ियां तेजी से रवाना की गईं है, जो नागरिक प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ निकट समन्वय से व्यापक बाढ़ राहत अभियान संचालित कर रही हैं।’ इसमें कहा गया है कि इंजीनियरिंग टास्क फोर्स (ईटीएफ) बाधाओं को दूर कर, संपर्क बहाल कर रही है जबकि चिकित्सा दल प्रभावित लोगों को तत्काल देखभाल प्रदान कर रहे हैं।
राज्य के सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि निजाम शासन के दौरान कामारेड्डी जिले में निर्मित 103 वर्ष पुरानी पोचारम परियोजना ने 1.82 लाख क्यूसेक के भारी प्रवाह को झेल लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम केंद्र ने बृहस्पतिवार को आदिलाबाद, भद्राद्री कोत्तागुड़ेम, हनमकोंडा और अन्य जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान जताया है। कामारेड्डी जिले में बुधवार को एक घर की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि भारी बारिश के कारण एक अन्य व्यक्ति लापता हो गया।
कामारेड्डी में सबसे अधिक बारिश हुई। जिले के अरगोंडा में बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे से रात नौ बजे तक 418.3 मिमी बारिश हुई। इसके बाद निर्मल जिले के अक्कापुर में 302.5 मिमी बारिश हुई। अधिकारियों ने बुधवार को कामारेड्डी जिले में 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और लगभग 1,000 लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की।(भाषा)
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