केंद्र सरकार ने 71 अप्रचलित कानून निरस्त करने के विधेयक को दी मंजूरी

नई दिल्ली, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को उन 71 कानूनों को निरस्त करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी, जिनकी उपयोगिता कानून की किताबों में समाप्त हो चुकी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इन 71 कानूनों में से 65 प्रमुख अधिनियमों में संशोधन हैं और छह प्रमुख कानून हैं। अधिकारियों ने बताया कि निरस्त किए जाने वाले प्रस्तावित कानूनों में से कम से कम एक कानून 71 ब्रिटिश काल का है। एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित निरसन और संशोधन विधेयक का उद्देश्य औपनिवेशिक कानूनों को रद्द करना नही है, बल्कि उन अधिनियमों को हटाना है, जिनकी उपयोगिता समाप्त हो चुकी है।

अधिकारी ने बताया, संसद द्वारा संशोधन पारित हो जाने के बाद वह मूल कानून में समाहित हो जाता है। फिर वह केवल कानूनों की किताबों में अनावश्यक बोझ डालता है। इसका इस्तेमाल अब समाप्त हो चुका है, लेकिन यह अब भी मौजूद है, जिससे भ्रम पैदा होता है। अब तक 1,562 पुराने अप्रचलित कानूनों को निरस्त किया जा चुका है।

यह भी पढ़ें… व्यापार वार्ताओं पर सहयोग की बात – मोदी-ट्रंप फोन वार्ता

एक बार प्रस्तावित विधेयक को संसद की मंजूरी मिल जाने के बाद, निरस्त किए जाने वाले कानूनों की कुल संख्या 1,633 हो जाएगी। मई 2014 से, नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार औपनिवेशिक दौर के पुराने और अप्रचलित कानूनों को लगातार निरस्त कर रही है। (भाषा)

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button