जिलास्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में जिलाधीश ने दिए निर्देश
हैदराबाद, हैदराबाद कलेक्टर हरिचंदना दासरी ने आज स्वास्थ्य तथा संबद्ध विभागों के अधिकारियों को मानसून के मौसम के मद्देनजर हैदराबाद जिले में डायरिया नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। हरिचंदना दासरी ने आज कलेक्ट्रेट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित डायरिया अभियान पर जिलास्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में भाग लिया।
अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014 से सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा (आईडीसीएफ) चलाया जा रहा है। चिकित्सा अधिकारी पूरे जिले में डायरिया के लिए दवा, स्वच्छता, ओआरएस के साथ रहें सावधान थीम के साथ डायरिया नियंत्रण अभियान-2025 चलाएँ। साथ ही उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दें, जहां पहले डायरिया के मामले सामने आ चुके हैं।
अवसर पर जिलाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का मुख्य लक्ष्य 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर को कम करना है। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिलेभर में संबद्ध विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिले में डायरिया से कोई मौत न हों। सम्बद्ध विभागों के अधिकारियों के सहयोग से डायरिया शिविर आयोजित किए जाएँ, सभी सरकारी अस्पतालों में डायरिया की दवाइयों के साथ-साथ ओआरएस के पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएं।
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डायरिया से शून्य मृत्यु हेतु समन्वित प्रयास के निर्देश
हरिचंदना दासरी ने निर्देश देते हुए कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले ओआरएस एवं जिंक टैबलेट को सभी स्कूलों, छात्रावासों एवं आंगनबाड़ियों में उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठाए जाएं तथा अभियान में जिला शिक्षा अधिकारी व कल्याण विभाग के अधिकारी समन्वय से कार्य करें। जिला कलेक्टर ने बैठक में जीएचएमसी के माध्यम से सफाई, मेट्रो वॉटर वर्क्स के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति, टैंकों की सफाई, जल परीक्षण और कीटाणुशोधन जैसे उपाय करने का आदेश दिया।
यह सुझाव दिया गया कि विद्यालयों एवं छात्रावासों में साफ-सफाई एवं जल स्वच्छता होनी चाहिए। साथ ही खाद्य विषाक्तता से संबंधित घटनाएँ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण स्वच्छता के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल और हाथ धोने जैसे स्वच्छता मुद्दों पर जनता के बीच जागरूकता पैदा की जानी चाहिए। साथ ही झुग्गी-झोपड़ियों और नालों के पास रहने वाले लोगों के बीच पोस्टर, स्कूल कार्यक्रमों और विशेष अभियानों के माध्यम से जागरूकता लायी जानी चाहिए। बैठक में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वेंकती, जिला शिक्षा अधिकारी आर. रोहिणी व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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