हाईकोर्ट ने दिया टैक्स के साथ फुटपाथी कब्ज़े हटाने पर भी ध्यान देने का निर्देश
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने माना है कि फुटपाथ पर कब्जों की वजह से दुर्घटनाएँ अधिक हो रही हैं। अदालत ने इस बात को गलत बताया कि फुटपाथ पर कब्जा होने की बात जानने के बाद भी कि उसे हटाने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अदालत ने कहा कि अगर कदम उठाए भी गए, तो बाद में उन पर ध्यान नहीं दिया गया। सच कहा जाए, तो हैदराबाद के बहुत सारे इलाकों में फुटपाथ ही नहीं हैं। गाड़ी के मालिक रोड टैक्स तो देते हैं, लेकिन सड़कों पर ठीक से चलने के मौके कम हैं और टैक्स देने वाले लोगों के लिए फुटपाथ की हालत भी अच्छी नहीं है।
अदालत ने इस बात पर गुस्सा जताया कि फुटपाथ पर व्यापार चल रहा है, लेकिन अधिकारियों का व्यवहार ऐसा है कि उन्हें कुछ भी नजर ही नहीं आ रहा है। अदालत ने इस बात पर चिंता जताई गई कि लोग बुरी हालत में सड़कों पर चल रहे हैं और दुर्घटनाओं का सामना कर रहे हैं। इस पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि अधिकारियों को सिर्फ इस बात की चिंता है कि टैक्स कैसे वसूला जाए।
यह भी पढ़ें… हाईकोर्ट ने खारिज की पायनियर की याचिका
उच्च न्यायालय ने बागलिंगमपल्ली अवैध निर्माण याचिका सुनी
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एन.वी. श्रवण कुमार ने हाल ही में इंदुमती की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें बागलिंगमपल्ली में गैर-कानूनी निर्माण गिराने के जीएचएमसी के नोटिस को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि वर्ष 2010 के दौरान हाउसिंग बोर्ड से भू संपत्ति खरीदने के बाद उसी जगह पर व्यापार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवासीय स्थल को याचिकाकर्ता ने वाणिज्यिक स्थल में बदलवा लिया है।
इस पर जीएचएमसी के अधिवक्ता ने दलील दी कि शिकायत के आधार पर अतिक्रमण की पहचान की गई थी और याचिकाकर्ता ने 700 गज के प्लॉट को खरीदने के बाद फुटपाथ पर कब्जा कर 1052 वर्ग गज कर लिया है। दलीलों का जवाब देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि वह जीएचएमसी की नोटिस में दखल नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि फुटपाथ पर कब्ज़े हटाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जीएचएमसी को कब्जे हटाने पर 3 महीने के अंदर रजिस्ट्री को रिपोर्ट देनी होगी। इस फैसले के साथ याचिका खारिज कर दी गई ।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



