रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाकर पछता रही है जनता : केटीआर

हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) के कार्यकारी अध्यक्ष के. तारक रामाराव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के शरीर के आकार के प्रति टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव के पहले पेंशन में बढ़ोत्तरी करने, 1 तोला सोना देने, बालिकाओं को स्कूटी देने जैसे वादे कर 3 फीट कद वाले मुख्यमंत्री ने 30 फीट लंबे डॉयलॉग मारते हुए सत्ता हासिल की और जनता को धोखा दिया। दुःखी जनता यह सोचकर पछता रही है कि उसने गलती से दूध देने वाली भैंस के बदले भैंसे को चुन लिया।

केटीआर भुवनगिरी कार्यक्रम में भाषण देते हुए

भुवनगिरी जिला पार्टी कार्यालय में नए विजयी सरपंचों, उप सरपंचों, वार्ड सदस्यों के सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केटीआर ने भुवनगिरी जिले में भारास समर्थित 161 सरपंचों की जीत पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता ने अगली चुनावी विजय की नींव भुवनगिरी से ही डाल दी है। यहीं से पार्टी का र्वैभव लौटेगा और अगले विधानसभा चुनाव में भारी जीत के साथ फिर से बीआरएस की वापसी होगी।

केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर बरसते हुए कहा कि बीआरएस समर्थित प्रत्याशियों को धोखे से हराने और करीब 150 से अधिक गाँवों में भारास की जीत को चुराने वाली कांग्रेस के अन्याय के विरुद्ध न्यायालय में लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने सभी सरपंचों व एमपीटीसी से समन्वय बनाकर जिला परिषद चुनाव के लिए कमर कसने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बीआरएस के बी-फार्म पर पार्टी के चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को विजयी बनाने सभी को मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि दो साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में थोड़े से मतों के अंतर से हारी बीआरएस के 56 सरपंचों ने भुवनगिरी में जीत हासिल की है। इसके अलावा आलेर में 74, मुनुगोडू में 15, तुंगातूर्ति में 9 व नकरेकल में 7 सरपंचों तो जनता ने जिताया।

केटीआर ने दलबदलू विधायकों और कड़ियम श्रीहरी की कड़ी आलोचना की

बीआरएस के टिकट पर चुनाव जीतकर कांग्रेस में शामिल हुए 10 दलबदलू विधायकों का उल्लेख करते हुए केटीआर ने विधायक कड़ियम श्रीहरी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कड़ियम ने 70 साल की आयु तक जो सम्मान कमाया, पार्टी बदलकर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार की गोद में बैठकर सब गंवा दिया है। कड़ियम श्रीहरी ने खुद कई बार खुले तौर पर कहा था कि प्रगति के लिए कांग्रेस में शामिल हुए हैं, लेकिन अब वह अपने ही बयान से पलट गए। उन्हेंने विधानसभा के सभापति के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मुख्य्मंत्री रेवंत रेड्डी के कहने पर ही सभापति दलबदलुओं के रवैये पर अंजान बनने का नाटक कर रहे हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा केंद्र सरकार की महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी योजना (नरेगा) का नाम बदलकर दि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत-जी-रामजी नाम रखे जाने को लेकर केटीआर ने कहा कि यह भाजपा की संकुचित मानसिकता का प्रदर्शन है। यह क्षमायोग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का नाम बदलने में दोनों राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस और बीजेपी के बीच कोई अंतर नहीं है।

केटीआर ने पूर्व बीआरएस सरकार की 5 रुपये भोजन योजना के अंतर्गत प्रारंभ की गई अन्नपूर्णा कैंटीन का कांग्रेस सरकार द्वारा नाम बदलकर इंदिरम्मा कैंटीन रखे जाने का उल्लेख करते हुए बतुकम्मा चीरलू को इंदिरम्मा चीरलू, रैतु बंधु योजना को रैतु भरोसा का नाम दिए जाने और तेलंगाना तल्ली की प्रतिमा को बदलकर कांग्रेस तल्ली को थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों राष्ट्रीय दल नामों को बदलने के बजाय यदि देश की 140 करोड़ जनता के जीवन को बदलने पर ध्यान दे, तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के स्वार्थ व जनहित को परे रखने की राजनीति को जनता देख रही है, अवश्य ही जवाब देगी।

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