थाना प्रभारियों की भूमिका अहम: डीजीपी जितेन्दर

हैदराबाद, तेलंगाना पुलिस महानिदेशक डॉ. जितेन्दर ने कहा कि तेलंगाना पुलिस को देशभर में अपना शीर्ष स्थान बनाए रखने में थाना प्रभारियों (एसएचओ) की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके लिए एसएचओ को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा।

आज यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि डीजीपी जितेन्द्र आज तेलंगाना पुलिस मुख्यालय में विभिन्न ज़िलों के एसएचओ की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ज़मीनी स्तर पर प्रतिबद्धता और जन केंद्रित पुलिस के साथ विभाग अपनी मौजूदा उपलब्धियों को न केवल बनाए रख सकता है, बल्कि इसे और आगे बढ़ा सकता हैं।

डॉ. जितेन्दर ने कहा कि एसएचओ पुलिस व्यवस्था की नींव है और उनकी ईमानदारी, समर्पण और जन-कल्याण के प्रति संवेदनशीलता महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि सरकार लोगों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के अपने लक्ष्य के अनुरूप सभी आवश्यक बुनियादी ढाँचे और संसाधन प्रदान करते हुए पुलिस विभाग का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ. जितेन्दर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पुलिसकर्मियों को जनता की बदलती हुई अपेक्षाओं के अनुकूल ढलना चाहिए और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए, जो पुलिसिंग जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं है, वह विश्वास और सम्मान बनाने में विफल होगी।

डॉ. जितेन्दर ने एसएचओ से अपने कर्मचारियों के बीच जागरूकता को बढ़ावा देने एफआईआर का उचित पंजीकरण सुनिश्चित करने, अपराधियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्ती से कार्रवाई करने तथा सजा की दर बढ़ाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया, जो अपराध को रोकने का काम करता है। उन्होंने बताया कि पुलिसिंग से जनता की संतुष्टि, क्यूआर कोड आधारित फीड बैंक जैसे उपकरणों के माध्यम से निगरानी की जाती है। इस मामले में एसएचओ को शत-प्रतिशत संतुष्टि का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।

डॉ. जितेन्द्र ने यातायात प्रवर्तन में सुधारों पर विचार करते हुए बताया कि कैसे कैशलेस प्रणाली में जाने से भ्रष्टाचार के आरोपों को कम करने में मदद मिली है। इस मामले में उन्होंने प्रणालीगत सुधारों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में तेलंगाना को मिली मान्यता और शीर्ष प्रदर्शन करने वाले पुलिस थानों के लिए गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए पुरस्कारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की प्रशंसा एक सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए और निरंतर प्रतिबद्धता व ईमानदारी के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) महेश मुरलीधर भागवत ने भी संबोधन किया और उन्होंने अपने संबोधन में थाना प्रभारियों से चालू कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए नकली बीजों की बिक्री के खिलाफ सतर्कता बरतने की आवश्यकता जताई। उन्होंने जरूरत पड़ने पर इस प्रकार के अपराधियों के खिलाफ पीडी एक्ट लगाने की सिफारिश की और पुलिस अधिकारियों से किसानों के हितों की सक्रिय रूप से रक्षा करने का आग्रह किया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) रमण कुमार, डीएसपी सत्यनारायण भी उपस्थित थे।

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