महापुरुषों की वाणी जीवन कल्याणी : जयश्रीजी म.सा.
हैदराबाद, हमारा देश तप संस्कृति प्रधान रहा है। अनादि काल से तप संस्कृति को महत्व दिया जाता है। साधु-संतों व महापुरुषों की परम्परा ने ही हमारी संस्कृति को न केवल बनाए रखा है, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी इसका विस्तार भी किया है। महापुरुषों की वाणी हमारे जीवन का कल्याण करने वाली होती है। हमारे जीवन को सही दिशा पर ले जाने वाली होती है। जिस किसी ने भी साधु-संतों व महापुरुषों की वाणी को सुनकर अनुसरण किया, उसका कल्याण हुआ।
उक्त उद्गार श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ग्रेटर हैदराबाद के तत्वावधान में काचीगुड़ा स्थित श्री पूनमचंद गांधी जैन स्थानक में चातुर्मासिक धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी जयश्रीजी म.सा आदि ठाणा-3 ने व्यक्त किये। संघ के कार्याध्यक्ष विनोद कीमती द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साध्वी जयश्रीजी ने आज से प्रारम्भ हुए नवपद ओली के संदर्भ में श्रीपाल चरित्र पर विशेष प्रवचन देते हुए कहा कि राजगृही नगरी के श्रेष्ठी बनिल गोभद्र के पुत्र भद्रा का आत्मज शालिभद्र पुण्य पुरुष था।
पुण्य वाणी के बल पर राजगृही में श्रेष्ठी के घर आना हुआ। शालिभद्र का पूर्व भव कहता है कि उसने ग्वाले के रूप में संगम के भव में मासखमण के तपात्ती तपोधर मुनिराज को खीर बहराई और उसी के प्रभाव से शालिभद्र के रूप में अगला भव प्राप्त किया। उसकी पुण्यवाणी इतनी गजब की थी कि वह 32 पत्नियों का स्वामी बना और पिता गोभद्र देवलोक से उसे पेटियाँ भेजता था, जिसमें वस्त्र, मिठाई और आभूषण भरे होते थे। शालिभद्र आज का पहना वस्त्र फिर कभी उपयोग नहीं करता था। संसार में बताए गए सात सुखों का उसके पास साम्राज्य था।
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श्रीपाल चरित्र, नवपद ओली और शालिभद्र जाप
साध्वी राजश्रीजी म.सा ने अपने संबोधन में कहा कि यदि तप साधना के महत्व को देखना है तो श्रीपाल चारित्र को जानना आवश्यक है। साध्वी समीक्षाश्री ने गीतिका के माध्यम से तप व साधना के महत्व को दर्शाया। धर्मसभा का संचालन करते हुए संघ के सह कोषाध्यक्ष अशोक चाणोदिया ने संघ व चातुर्मास की गतिविधियों का विवरण पेश किया। आज के नवकार महामंत्र जाप के लाभार्थी लीलादेवी भंवरलाल सुनील पवन कटारिया परिवार हिमायत नगर हैं।
आज से नवपद की आराधना प्रारम्भ हुई। इसमें लगभग 55 श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। आयम्बिल की व्यवस्था संघ में रखी गई है जिसके लाभार्थी परिवार मुल्तानमल प्रकाशचंद पद्मा देवी बरमेचा परिवार ईसामिया बाजार हैं। नवपद ओली करने वाले तपस्वियों को प्रभावना किशनलाल धन्नी बाई चमनलाल अनिल मुथा परिवार की ओर से प्रदान की जाएगी।
आगामी 5 अत्तूबर को भाग्यनगर गौशाला में चातुर्मास के शिखर कार्यक्रम भव्य 1008 सजोड़े शालिभद्र लक्ष्मी जाप का आयोजन किया जा रहा है और इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण व नजारा आसमान से उतरने वाली 99 पेटियां है, जो लक्की ड्रॉ के रूप में रहेगी। इनमें से पांच पेटियों में सोने की गिन्नियां और 94 पेटियों में चांदी की वस्तु के साथ अन्य आकर्षक पुरस्कार रहेंगे। शालिभद्र के हाथों यह पुरस्कार दिए जाएँगे। यह कार्यक्रम साध्वी जयश्रीजी म.सा के सानिध्य और संघ के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
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