साइबराबाद के आपराधिक मामलों में मामूली कमी
वर्ष 2024 की तुलना में इस वर्ष 1.18 प्रतिशत कम दर्ज हुए मामले
हैदराबाद , साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय ने वर्ष 2025 की कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल कुल अपराधों में मामूली कमी दर्ज की गई है, जबकि साइबर अपराध, मादक पदार्थों से जुड़े मामलों और प्रवर्तन कार्रवाइयों में कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं। पुलिस आयुक्त अविनाश मोहंती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपराध नियंत्रण, सजा दर में बढ़ोतरी, सड़क सुरक्षा और सामाजिक पहलुओं पर पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी दी।
साइबराबाद पुलिस क्षेत्र में वर्ष 2024 की तुलना में इस वर्ष आपराधिक मामलों में 1.18 प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज की गई। पिछले वर्ष कुल 37,689 मामलों की तुलना में इस वर्ष 37,243 मामले दर्ज किए गए। इस तरह, कुल 446 आपराधिक मामले कम दर्ज हुए। गच्चीबावली स्थित साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त अविनाश मोहंती ने बताया कि वर्ष 2025 अभी तक साइबर अपराध से संबंधित 7,636 मामले दर्ज किए गए।
उसी तरह, संपत्ति अपराध से संबंधित 5527 मामले, सड़क दुर्घटनाओं के 4608 मामले, चोट लगने, मारपीट से संबंधित 2322 मामले, आपराधिक अतिक्रमण से संबंधित 1488 मामले, दहेज प्रताड़ना-विवाद में निर्दयीता से संबंधित 1314 मामले, आपराधिक धमकी से संबंधित 979 मामले दर्ज किए गए।

वर्ष 2023 में साइबर अपराध से संबंधित 5983 मामलों की तुलना में वर्ष 2024 में 11914 व वर्ष 2025 में 7636 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2024 में 25 हजार रुपये कम पैसा गंवाने वालों की ओर से 17916 शिकायतें की गई थी, इस वर्ष 19059 शिकायतें की गई।
कुल 7636 साइबर अपराध से संबंधित मामलों में 2079 पार्ट टाइम नौकरी की आड़ में ठगी, 1256 ट्रेडिंग फ्रॉड, 689 स्मिशिंग फ्रॉड, 652 विशिंग कॉल फ्रॉड, 605 विज्ञापन के नाम पर धोखाधड़ी, 490 इंपर्सनेशन फ्रॉड, 339 अनाधिकृत लेनदेन, 308 जॉब फ्रॉड, 279 कस्टमर केयर फ्रॉड, 216 लोन फ्रॉड, 117 डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी, 103 सोशल मीडिया प्रताड़ना, 72 कारोबार में धोखाधड़ी, 65 फिशिंग फ्रॉड, 53 चाइल्ड पोर्नोग्राफी, 40 छेड़छाड़, 34 मेट्रोमोनियल फ्रॉड, 32 लॉटरी, 26 केवाईसी, 23 लोन एप प्रताड़ना, 23 डाटा चोरी, 15 क्रिप्टो, 13 डेटिंग, 12 वीजा, 12 गेमिंग, 9 इंश्योरेंस व 6 पहचान चोरी से संबंधित मामले शामिल है।
डिजिटल अरेस्ट मामलों में भारी कमी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2024 में डिजिटल अरेस्ट से संबंधित 1002 मामले दर्ज किए गए थे, इन मामलों में 80,57,06,754 रुपयों की ठगी की गई थी। जबकि इस वर्ष डिटिटल अरेस्ट से संबंधित 117 मामले ही दर्ज किए गए, इन मामलों में 15,22,25,892 रुपयों की ठगी की गई। मामलों में कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को 96,76,029 रुपये रिफंड भी किए गए।
एनडीपीएस मामलों में वृद्धि
अविनाश मोहंती ने बताया कि वर्ष 2024 में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित 421 मामलों में 954 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि इस वर्ष 575 मामलों में 1228 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सभी तरह के 2714,798 किलो मादक पदार्थ जब्त किया गया था। जबकि इस वर्ष 1524.909 मामलों में 16,85,24,700 रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए। 575 मामलों में 1508.794 किलो गांजा, 0.660 किलो कोकीन, 1.17 किलो अल्प्राजोलम, 2.136 हेरोइन, 11.286 किलो ओपियम, 0.335 किलो एमडीएमए, 0.477 किलो इपेन्ड्रिन ड्रग को जब्त किया गया।
हत्या के मामलों में 14.39 प्रतिशत की कमी
अविनाश मोहंती ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष हत्या के मामलों में 14.39 प्रतिशत मामलों की कमी दर्ज की गई। पिछले वर्ष हत्या से संबंधित 132 मामलों की तुलना में इस वर्ष 113 हत्या के मामले दर्ज किए गए। इन 113 मामलों में 111 मामलों को सुलझा लिया गया।
उसी तरह, पिछले वर्ष डकैती व लूट से संबंधित 111 मामलों की तुलना में इस वर्ष 118 मामले, दिन-दहाड़े चोरी से संबंधित 19 मामलों की तुलना में इस वर्ष 11 मामले, रात के समय चोरी से संबंधित वर्ष 2024 के 58 मामलों की तुलना में इस वर्ष 64 मामले, वर्ष 2024 में सामान्य चोरी से संबंधित 44 मामलों की तुलना में इस वर्ष 39 मामले, इस वर्ष ध्यान भंग कर चोरी के 6 मामले, ऑटो मोबाइल चोरी के 7 मामले दर्ज किए गए।
इसके अलावा सीईआईआर पोर्टल के तहत वर्ष 2024 में ब्लॉक करने के 59222 आवेदन, 68100 आईएमईआई ब्लॉक, 31670 मामलों में ट्रेसेब्लिटी जनरेट करते हुए 6867 सेलफोन् पीड़ितों को लौटाए गए थे। वर्ष 2025 में ब्लॉक करने के 30643 आवेदन, 45287 आईएमईआई ब्लॉक, 14017 मामलों में ट्रेसेब्लिटी जनरेट करते हुए 6308 सेलफोन पीड़ितों को लौटाए गए।
सजा दिलाने की दर में 15.86 प्रतिशत की बढोत्तरी
आयुक्त अविनाश मोहंती ने बताया कि वर्ष 2024 में कुल 11916 मामलों में फैसला आया, इन मामलों में 18 आरोपियों को आजीवन कारावास, 9 को 20 वर्ष, 17 को 10 वर्ष, 117 को 7 या उससे कम वर्षों तक जेल की सजा सुनाई गई। जबकि अन्य 5514 मामलों में भी आरोपियों को सजा सुनाई गई, इस तरह कुल 5675 मामलों में आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा हुई।
जबकि वर्ष 2025 में, 14369 मामलों का कोर्ट द्वारा निपटारा करते हुए 22 को उम्र कैद, 9 को 20 वर्षों की जेल, 15 को 10 वर्षों की जेल, 49 को 7 या उससे कम वर्षों की जेल, अन्य मामलों में 6652 दोषियों को जेल समेत कुल 6745 दोषियों को जेल की सजा सुनाई गई। इस तरह, सजा की कुल मामलों में सजा दिलाने की देर 47 प्रतिशत रही।
सड़क दुर्घटनाओं में 850 की मौत
अविनाश मोहंती ने बताया कि वर्ष 2024 में 856 घातक सड़क दुर्घटनाएं, 2281 गैर घातक सड़क दुर्घटनाएं व 692 सामान्य सड़क दुर्घटनाएं प्रकाश में आयी थी, इस घटनाओं में कुल 893 लोगों की मौतें हुई थी। जबकि इस वर्ष 2025 में, 803 घातक, 2827 गैर घातक तथा 978 सामान्य सड़क दुर्घटनाएं हुई। 803 सड़क दुर्घटनाओं में कुल 850 लोगों की मौतें हुई। इन मौतों में 285 पैदल चलने वाले, 449 दोपहिया, 17 तिपहिया, 58 चौपहिया, 41 भारी वाहन शामिल है।
850 मौतों में 182 सेल्फ एक्सीडेंट, 33 विपरीत दिशा में वाहन चलाने, 24 शराब के नशे में वाहन चलाने, 69 वाहन चलाने की गलती, 542 अन्य कारणों से होने वाले मामले शामिल है। 803 घातक सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में से 301 मामले राष्ट्रीय-प्रदेश राजमार्ग, 34 ओआरआर, 4 पीवीएनआर, 202 जीएचएमसी, 186 आर एंड बी, 76 मामले अन्य सड़कों पर हुए।
ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में 17.15 प्रतिशत कमी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष ड्रंक एंड ड्राइव से संबंधित कुल 15,706 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष 18,959 मामले दर्ज किए गए थे। इस तरह, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 17.15 प्रतिशत ड्रंक एंड ड्राइव मामलों की कमी दर्ज की गई। इस वर्ष के कुल 15,706 मामलों में 14,254 मामले निपटाए गए, इन मामलों में 13,447 मामलों में जुर्माना, 385 मामलों में जेल की सजा, 422 मामलों में जुर्माना व समाज सेवा की सजा सुनाई गई।
चालान के मामले 33.26 प्रतिशत बढ़े
आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2024 में व्यक्तिगत चालान से संबंधित 6,85,545 मामलों की तुलना में इस वर्ष 10,27,335 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में कुल 33.26 प्रतिशत की वृद्धि की गई। इसके अलावा, पिछले वर्ष ई-चालान से संबंधित 15,74,997 मामलों की तुलना में इस वर्ष 25,93,152 मामले दर्ज किए गए।
पिछले वर्ष 111,81,71,245 रुपये के जुर्माने की तुलना में इस वर्ष इस वर्ष 239,37,02,020 रुपये जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि आईटी कॉरिडोर में सड़क व्यवस्था का सुगम बनाने के लिए पिछले वर्ष कुल 95 ट्रैफिक मार्शल तैनात किए गए थे, इस वर्ष मार्शलों की संख्या बढाकर 172 की गई। उसी तरह, कई प्रमुख क्षेत्रों में सिग्नल फ्री जंक्शन भी स्थापित किए गए।
आर्थिक अपराध विंग ने 11.50 करोड़ की संपत्ति अटैच की
कमिश्नर ने बताया कि साइबराबाद की आर्थिक अपराध विंग ने पिछले वर्ष 90 मामलों में 203 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, इस वर्ष 95 मामलों में 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस वर्ष के 95 मामलों में 26.17 करोड़ रुपये बैंक खातों में फ्रीज किए गए, जबकि 11.50 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई।
छेडखानी के मामलों में 3315 को रंगे हाथों पकड़ा
अविनाश मोहंती ने बताया कि वर्ष 2025 में साइबराबाद की महिला एवं बाल सुरक्षा विंग ने 3887 जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर कुल 1,76,503 लोगों को जागरूक किया। विंग की मिली 1043 शिकायते सोशल मीडिया के जरिए मिली, इनमें 83 मामले दर्ज किए गए।उसी तरह, 2964 पिट्टी केस से संबंधित मामलों में 3322 आरोपियों को परामर्श दिया गया। डिकॉय ऑपरेशन में कुल 3315 मनचलों को युवतियों, महिलाओं से छेड़खानी करते हुए पकड़ा गया।
इसके अलावा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने 103 मामलों में 257 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए कुल 195 पीड़ितों को बचाया। कुल 299 जागरूकता कार्यक्रमों में 6020 लोगों को जागरूक किया गया। इस अवधि में देश में रहने वाले 5 तंजानिया, 2 युगांडा, 1 केन्या, 1 दक्षिण आफ्रिका व 1 बांग्लादेशी नागरिक को निर्वासित किया गया। ऑपरेशन स्माइल-मुस्कान के तहत 2,298 बच्चों को बचाया गया, जिसमें 2191 बालक, 107 बालिकाएं शामिल है।
उसी तरह, सड़क पर वेश्यावृत्ति से संबंधित 131 मामलों में 508 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 262 सेक्स वर्कर्स, 246 ट्रांसजेंडर्स शामिल है। इनमें से 356 आरोपियों को बाइंड ओवर किया गया, जबकि 24 सेक्स वर्करों को जेल भेजा गया। विंग के परिवार परामर्श केंद्रों द्वारा 2,741 परिवारों के लिए कुल 9477 परामर्श सत्रों का आयोजन कर 803 परिवारों को फिर से मिलाया गया। उसी तरह, 9 जून, 2025 से गुमशुदा लोगों के खिलाफ विशेष ऑपरेशन चलाते हुए 566 लापता लोगों को ट्रेस किया गया
खेलकूद को बढ़ावा
पुलिस आयुक्त ने बताया कि तनाव भरी सेवा के दौरान तनाव को कम करने के लिए साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय में 2 बैडमिंटन कोर्ट बढ़ाए गए। उसी तरह, 2 टेबल टेनिस कोर्ट का उद्घाटन, वॉलीबॉल कोर्ट का नवीनीकरण, क्रिकेट नेट, ओपन जिम, टेनिस कोर्ट व बास्केटबॉल कोर्ट की मरम्मत भी कराई गई। उन्होंने होमगार्डों के कल्याण के लिए साइबराबाद होमगार्ड को ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के जरिए मदद मुहैया करवाने की भी जानकारी दी।
इसके अलावा मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के सफल आयोजन, पुलिस संस्मरण दिवस पर रक्तदान शिविर, सोसायटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल के साथ स्वास्थ्य जागरूकता, साइबर जागरूकता को अहम उपलब्धियां भी बताया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।
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