आत्मा और परमात्मा में कर्म का है भेद : जयश्री म.सा.

हैदराबाद, जहाँ विकार है, वहाँ कर्म है, आत्मा और परमात्मा में केवल कर्म का ही भेद है। यदि कर्मों को आत्मा काट दे, तो फिर आत्मा और परमात्मा में कोई भेद नहीं रह पाता है। वही आत्मा सिद्ध अवस्था को प्राप्त करने में सफलता प्राप्त कर लेती है। कर्मों को क्षय करने का अवसर मात्र केवल मनुष्य भव में ही संभव है और संसार में जितनी भी भव्य आत्माएँ सिद्ध अवस्था को प्राप्त कर पायीं, वह सब मानव जन्म पाकर ही सिद्ध हुई हैं।

उक्त उद्गार श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ग्रेटर हैदराबाद के तत्वावधान में काचीगुड़ा स्थित श्री पूनमचंद गांधी जैन स्थानक में चातुर्मासिक धर्म सभा को संबोधित करते हुए साध्वी जयश्रीजी म.सा. आदि ठाणा-3 ने व्यक्त किये। संघ के मंत्री धर्मेंद्र नाहर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साध्वी जयश्री म.सा. ने कहा कि कर्मों का क्षय मानव भव में ही तप, साधना के जरिए किया जा सकता है। इसलिए देवता भी मानव भव के लिए तरसते हैं। मानव भव में ही मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है।

चातुर्मासिक धर्म सभा व पंचदिवसीय कार्यक्रम

साध्वी राजश्री म.सा. ने कहा कि कर्म रूपी विकार दुषण बुराई आदि को दूर करने वाली आत्मा ही सिद्ध हो पाती है और सिद्ध हो जाने के बाद पुन कभी जन्म नहीं होता। जहाँ जनम है, वहाँ मरण है, सिद्धं की आत्मा का कभी विनाश नहीं होता, सिद्धों को आत्म रूपी ज्ञानी ही जान सकता है। चर्म चक्षु से वह दिखाई नहीं देते और अगोचर अरूपी ही शुद्ध सोने की तरह उनकी आत्मा पावन और पवित्र होती है। जो धर्म की आराधना करने वाला होता है, संयम साधना की उपासना करने वाला होता है वही कर्मों को जर्जर करता हुआ, कर्मों से मुक्त होता हुआ अनंत शांति का सुख प्राप्त करने में सफल होता है।

संघ के कोषाध्यक्ष धर्मीचंद भंडारी ने धर्म सभा का संचालन किया। संघ के तत्वावधान में आगामी 17 से 21 सितंबर तक उपाध्याय प्रवर मूलमुनिजी म.सा. के पुण्य स्मरण और चतुर्थ पट्टधर आचार्य शिवमुनिजी म.सा. के जन्मदिन के उपलक्ष्य में साध्वी जयश्री म.सा. के सान्निध्य में वर्ण एकासना कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पंच दिवसीय कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर को पोरसी दिवस, 18 सितंबर को ध्यान दिवस व आचार्य गुणानुवाद सभा, 19 सितंबर को तप दिवस व तपस्वी अभिनंदन, 20 सितंबर को जप दिवस्।

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लक्की ड्रॉ व आगामी शालीभद्र लक्ष्मी जाप तैयारी

हुक्मीचंद म.सा. छंद जप और 21 सितंबर को उपाध्याय प्रवर मुलमुनिजी म.सा स्मरण दिवस व गुरु दिवाकर चालीसा जाप का आयोजन होगा। 17 से 20 सितंबर तक कार्यक्रम में निर्धारित समय पर आने वाले 9 धर्म प्रेमी बंधुओं के लिए 9 लक्की ड्रॉ रखे गये और 21 सितंबर को निर्धारित समय पर आने वालों के लिए 11 चाँदी के सिक्के लक्की ड्रॉ में रखे गये हैं। 17 से 19 सितंबर तक लक्की ड्रॉ के लाभार्थी साध्वी जयश्री म.सा. के मासी परिवार, रामेश्वरलाल मनोज कुमार मारू, चित्तौड़गढ़ है।

एकासना के लाभार्थी काचीगुड़ा श्री संघ और एकासन की प्रभावना के लाभार्थी श्री जैन दिवाकर श्री संघ है। 20 व 21 सितंबर के लक्की ड्रॉ के लाभार्थी सोहन लाल अशोक कुमार ध्रुव तातेड़ मरूधर केमिकल्स, सिकंदराबाद परिवार है। संघ के तत्वावधान में 5 अत्तूबर को भाग्यगर गौशाला, लोअर टैंकबंड में आयोजित होने वाले 1008 सहजोड़े शालीभद्र लक्ष्मी जाप कार्यक्रम पर विचार-विमर्श हेतु बुलाई गई बैठक में संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के प्रधान संयोजक अशोकचंद तातेड़, नेमीचंद बुबकिया, महामंत्री पवन कटारिया, मंत्री धर्मेंद्र नाहर, कोषाध्यक्ष धर्मीचंद भंडारी, चातुर्मास प्रधान संयोजक ब्रिजेश कोचेटा, रमन धोका, कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र दीपक बुबकिया, हितेश लोढ़ा, महेंद्र पितलिया, महावीर कामदार, अजीत बोहरा, राजश्री बरमेचा, लता पितलिया, नंदा तातेड़, सपना गुगलिया ने भाग लिया।

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