प्रतियोगी परीक्षाएँ क्रैक करने का ये है सबसे स्मार्ट तरीका

आज के इस डिजिटल दौर में प्रतियोगी परीक्षाएं दिन-रात के रट्टा लगाने से क्रैक करना मुश्किल है, बल्कि ये डिजिटल तरीके से क्रैक करना ज्यादा आसान हैं। आइए, इस तकनीक को समझें कि कैसे बदलते हुए पढ़ाई और परीक्षा पैटर्न में प्रतियोगी परीक्षाएं स्मार्ट तरीके से क्रैक करें-

ज़रूरी हैं डिजिटल सुविधाएँ

मोटी-मोटी किताबों का अपना महत्व है, लेकिन जब हमारी लाइफस्टाइल में ज्यादातर गतिविधियां डिजिटल हैं, तो इसका असर हमारी परीक्षाओं विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं और परीक्षा पैटर्न पर भी पड़ा है। इसलिए आज इन्हें आसानी से पास करने के लिए ज़रूरी है कि हम अपनी पढ़ाई के तौर-तरीकों को डिजिटल करें। ऑनलाइन ट्यूटोरियल, एडु टेस्ट, एसआरएस कार्ड और एनालिटिक तकनीक के इस्तेमाल से न केवल हमारी पढ़ने की क्षमता में इजाफा होता है, बल्कि इसे समझना भी दूसरे माध्यमों के मुकाबले ज्यादा सरल है।

इसलिए आज के दौर में जब किसी प्रतियोगी परीक्षा को पास करने का लक्ष्य साधें, तो डिजिटल सुविधाओं से दूर न रहें, इससे समय की बचत होती है, लक्ष्य केंद्रित तैयारी होती है। मगर एक बात यह भी ध्यान रखें कि सिर्फ एप्स पर ही निर्भर न रहें। डिजिटल टूल्स वास्तव में पढ़ने के सबसे ठोस तरीके हैं, लेकिन अपनी लाइफस्टाइल में इन्हें अनुशासन के साथ जोड़ें, क्योंकि अगर पढ़ने के साथ-साथ कई घंटे सोशल मीडिया में बिताया तो सारी स्मार्टनेस धरी की धरी रह जायेगी।

स्पेस्ड रिविजन/एसआरएस लैश कार्ड

इसके लिए एएनकेआई या रिम नॉट का उपयोग करें। उदाहरण, इतिहास की तारीखें, विज्ञान के फार्मूले याद न होने वाले जटिल प्रश्न। हर इंट्री एक लैश कार्ड के रूप में रखें। इससे यह होगा कि यह भूलेंगे नहीं, जो सबसे कमज़ोर कार्ड लगता हो, उसे ही दोहराएं। इससे टाइम बचता है।

ऐक्टिव प्रैक्टिस तथा मॉक एनालिटिक

टेस्ट बुक, अड्डा-247, अन अकेडमी की मॉक सीरीज से टेस्ट दें। उदाहरण के लिए हर रविवार को पूरा मॉक टेस्ट और सोमवार को एनालिटिक्स करें। इसके बाद ही आपको पता चलेगा कि किस विषय में आप ज्यादा एक्युरेट हैं। समय ज्यादा कहां जा रहा है और फटाफट किस विषय को कर पा रहे हैं। मॉक की रिपोर्ट को स्प्रेड शीट में लॉक करें और टॉप थ्री कमज़ोर टॉपिक पर व्यवस्थित ढंग से काम करें।

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टाइम ब्लॉकिंग और कोमोडोरो

यदि विषय बहुत विस्तृत है तो बेहतर है कि इसे एडॉप्टिव प्लेटफॉर्म में सीखें, जैसे- बाइजूज क्लासेस या अन-अकेडमी का ये प्लेटफॉर्म बहुत सरल तरीके से कंटेंट बनाते हैं, जिससे कमज़ोर से कमज़ोर छात्रों को भी राहत मिले। हर 10 से 15 मिनट में दो से तीन सवाल हल करने की कोशिश करें।

एरर लॉक और रिपीट सॉल्युशन

हर गणित के प्रश्न का एक पीन शॉट्स लें और इसका लिखित समाधान रखें। उदाहरण के लिए क्वेश्चन, आईडी, गलत विकल्प, सही हल, क्यों गलत हुआ, टेस्ट बैकअप रीविजन के लिए बहुत मूल्यवान है। इसी तरह की प्रैक्टिस अंतत आपको स्मार्ट बनाती है।

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कुछ और भी करने की ज़रूरत है

  • ऑफलाइन बैकअप – इंटरनेट कटे तो पीडीएफ या डाउनलोडेड वीडियो आपकी पढ़ाई के लिए बरकरार रहे।
  • पीयर एकाउंटबिलिटी – एक स्टडी फॉर डेम या टेलीग्राम बैकअप ज़रूर बनाएं और छोटे-छोटे लक्ष्य अपने साथियों तक पहुँचाएं। ज़रूरी है मेंटल हेल्थ हर दिन तीस मिनट की वॉकिंग और मेडिटेशन ज़रूर करें। किसी भी तरह की परीक्षाओं में कभी न छोड़ें, क्योंकि ये नियमित गतिविधियां रहेंगी, तो आराम से कठिन से कठिन परीक्षा भी पास कर लेंगे। वास्तव में 10वीं में परीक्षा पास करना एक आदत का हिस्सा होता है। अगर आपकी आदतें बेहतर हैं, तो नतीजे भी बेहतर मिलेंगे और आपको बेहतर नतीजे मिल रहे हैं या नहीं हर महीने तैयारी के दौरान इसका दोहराव करें, जिससे बात ज्यादा सटीक तरीके से समझ में आ जाए।

-नरेंद्र कुमार

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