टिम्स सनतनगर अस्पताल का उद्घाटन उगादि पर, 1,000 बिस्तरों की सुविधा
हैदराबाद, स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने गुरुवार को घोषणा की कि सनतनगर स्थित टिम्स अस्पताल का आधिकारिक उद्घाटन उगादि को किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रकार के सिविल कार्यों की पूर्णता के साथ अस्पताल को चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने के लिए 15 मार्च तक पूरी तरह तैयार करने का निर्देश दिया।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राजनरसिम्हा ने आरोग्यश्री ट्रस्ट कार्यालय में टिम्स सनतनगर के निर्माण कार्यों की प्रगति, चिकित्सकों तथा कर्मचारियों की नियुक्ति आदि की उच्च स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने ऑपरेशन कक्ष, निदान कक्ष, भर्ती विभाग, विभिन्न वॉर्ड्स, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू आदि के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि 1,000 बिस्तरों की क्षमता वाले इस अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को शीघ्रातिशीघ्र सुनिश्चित कर लिया जाना चाहिए। साथ ही अस्पताल खुलने तक तकनीशियनों व कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया जाए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री दामोदर को बताया कि टिम्स सनतनगर में बुनियादी ढाँचे का निर्माण अंतिम चरण में है। अस्पताल के 16 सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन थिएटर सर्जरी के लिए तैयार हैं। इसके अलावा अत्याधुनिक सीटी स्कैन, एमआरआई और डिजिटल एक्स-रे मशीनों की स्थापना प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अन्य नैदानिक मशीनों को लगाने का काम जारी है। कैथ लैब की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है।
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लंबित सर्जरी वाले मरीजों को जल्द रेफर करने की व्यवस्था
संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए राजनरसिम्हा ने कहा कि टिम्स सनतनगर, निम्स, उस्मानिया तथा गांधी जैसे अस्पतालों पर बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन मरीजों को महीनों से संबंधित अस्पतालों में सर्जरी का इंतजार है, उन्हें यहाँ रेफर कर जल्द से जल्द इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस संबंध में उक्त अस्पतालों के अधीक्षकों से समन्वय किया जाना चाहिए।
दामोदर ने अस्पताल के प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रोफेसरों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यहाँ रोगी देखभाल सेवाओं को उच्चतम मानकों के साथ स्थापित करते हुए कॉर्पोरेट अस्पतालों, निम्स तथा एम्स में अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम नीतियों को लागू करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। चिकित्सा सेवाओं के साथ स्वच्छता और सुरक्षा जैसे गैर-चिकित्सा सेवा विभागों को मजबूत बनाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ओ.पी. पंजीकरण से लेकर डिस्चार्ज तक की सभी सेवाएँ ई-एचएमआईएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से एकीकृत की जानी चाहिए, ताकि रोगियों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिचारकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीकृत रसोईघर स्थापित किया जाना चाहिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉ. क्रिस्टीना जेड. चोंगथू, परिवार कल्याण आयुक्त डॉ. संगीता सत्यनारायण, डीएमई डॉ. नरेंद्र कुमार, टीजीएमएसआईडीसी एमडी फणींद्र रेड्डी सहित अन्य उपस्थित थे।
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