कोदंडराम पर कविता की टिप्पणी को लेकर भड़की टीजेएस

हैदराबाद, तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) महासचिव कुंट्ला धर्मार्जुना ने तेलंगाना जागृति की तेलंगाना उद्यमाकारूला आत्मगौरव सभा (तेलंगाना आंदोलनकारियों की आत्मसम्मान सभा) में विधान परिषद सदस्य प्रोफेसर कोदंडराम के प्रति के. कविता द्वारा की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने प्रश्न किया कि पूर्व केसीआर शासन के दौरान जब तेलंगाना पुनर्निर्माण को लेकर प्रश्न किया गया, तो प्रोफेसर कोदंडराम के घर की खिड़कियाँ दरवाजे तक तोड़कर हिरासत में लिया गया, तब सत्ता के नशे व अहंकार में चूर कविता कहाँ थीं?

के. धर्मार्जुना ने सोशल मीडिया पर कहा कि एक महिला व तेलंगाना नागरिक होने के नाते कविता का सम्मान है, लेकिन 10 सालों तक सत्ता में रहकर हुकूमत कर तेलंगाना की आकांक्षाओं को हवा में छोड़कर उनके पिता (केसीआर), भाई (केटीआर), जीजा (टी. हरीश राव) आदि ने तेलंगाना को जी भरकर लूटा। उन्होंने कहा कि जब तेलंगाना के पुनर्निर्माण को लेकर प्रोफेसर कोदंडराम ने आवाज उठाई, तब कविता कहाँ थीं? तेलंगाना अमर शहीदों की आकांक्षाओं की माँग को लेकर तेलंगाना अमरवीरूला स्फूर्ति यात्रा करने पहुँचे कोदंडराम को कदम-कदम पर जब रोका गया, गतिरोध पैदा कर जेल भेजा गया, तब कविता कहाँ थीं?

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कांग्रेस को समर्थन, बीआरएस के जनाकांक्षाओं पर कुचले जाने के कारण

धर्मार्जुना ने कहा कि परिवार में तेलंगानावासियों की लूटी गई संपत्ति के बंटवारे को लेकर उभरे मतभेदों के बाद अब कविता को तेलंगाना आंदोलनाकारी याद क्यों आने लगे हैं? उन्होंने कहा कि जब भी परिवार पर कोई संकट आता है या परिवार की छवि धूमिल होती है या जनता कल्वाकुंट्ला परिवार को भुलाने लगे, तब इन्हें तेलंगाना के आंदोलनकारी याद आ जाते हैं। उन्हेंने कहा कि हाँ टीजेएस ने कांग्रेस को समर्थन दिया है, क्योंकि 10 सालों तक बीआरएस ने तेलंगाना की जनाकांक्षाओं को कुचला था, प्रश्न करने वाले गलों को घोंट दिया, तब कांग्रेस ने साथ आने कहकर प्रजा शासन देने का वादा किया था, इसलिए टीजेएस ने कांग्रेस को समर्थन दिया।

धर्मार्जुना ने कहा कि आज भी तेलंगाना आंदोलनकारियों, अमर शहीदों की माँगों को पूरा करने कांग्रेस सरकार के साथ चर्चाएँ जारी हैं, क्योंकि टीजेएस कभी भी आंदोलनकारियों की मांगों पर सरकार से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना उद्यमाकारूला फोरम, तेलंगाना संक्षेम संघम के तौर पर जेएसी के जरिए विभिन्न माँगों पर चर्चा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कविता की तरह अचानक आकाश से उतरकर आंदोलनकारियों पर प्रेम उंडेलने भर से या प्रोफेसर कोदंडराम की आलोचना करने से श्रेय मिलेगा, यह समझना गलत होगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना आंदोलनकारियों के आक्रोश का शिकार कविता फिर न हों, इसके लिए अपना सम्मान बनाए रखें।

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