टीएससीएस थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन के प्रमुख सहयोगी केंद्रों में शामिल

हैदराबाद, हैदराबाद स्थित थैलेसीमिया और सिकल सेल सोसाइटी (टीएससीएस) के अंतर्गत संचालित कमला हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर फॉर थैलेसीमिया एंड सिकल सेल डिजीज को आधिकारिक तौर पर भारत में थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन (टीआईएफ) के प्रमुख सहयोगी केंद्रों में से एक के रूप में नामित किया गया है।

आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह मान्यता कमला हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर फॉर थैलेसीमिया एंड सिकल सेल डिजीज को उन विशिष्ट केंद्रों के वैश्विक नेटवर्क में शामिल करती है,जो थैलेसीमिया तथा सिकल सेल रोग सहित हीमोग्लोबिनोपैथी के क्षेत्र में देखभाल, शिक्षा और अनुसंधान के मानकों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस केंद्र का थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन के सहयोगी केंद्र के रूप में चयनित होना भारत के स्वास्थ्य देखभाल परिदृश्य में यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह चयन विश्व प्रसिद्ध विशेषज्ञों द्वारा आयोजित एक क्लिष्ट तथा बहु-चरणीय अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन प्रक्रिया का परिणाम है। जिस पर खरा उतरते हुए कमला अस्पताल और अनुसंधान केंद्र अब थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग के उच्च बोझ से जूझ रहे देशों में देखभाल, शिक्षा और मानव संसाधनों के कम करने के लिए टीआईएफ डिजाइन के नेतृत्व एक महत्वपूर्ण वैश्विक पहल में शामिल हो गया है।

इंटरनेशनल फेडरेशन का प्रमुख सहयोगी बना टीएससीएस

टीएससीएस के अध्यक्ष चंद्रकांत अग्रवाल ने संदर्भ में कहा कि टीआईएफ सहयोगी केंद्र बनना थैलेसीमिया और एससीडी से प्रभावित हजारों भारतीय परिवारों के लिए आशा की किरण है। यह उपलब्धि टीएससीएस के उत्कृष्ट रोगी देखभाल मॉडल, स्वैच्छिक रक्तदान और निशुल्क उपचार आदि की दिशा में हमारे नेतृत्व और अनुसंधान और रोकथाम में बढ़ती प्रतिष्ठा को मान्यता देने वाली है। उन्होंने कहा टीआईएफ सहयोगी केंद्र के रूप में कमला अस्पताल अनुसंधान केंद्र अब तेलंगाना से परे अपने प्रभाव का विस्तार करते हुए क्षेत्रीय केंद्रों को ऊपर उठाएगा। साथ ही राष्ट्रीय नीतियों का समर्थन करते हुए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सहयोग करेगा।

टीएससीएस की मुख्य चिकित्सा अनुसंधान अधिकारी और सचिव डॉ. सुमन जैन ने कहा एक नामित टीआईएफ सहयोगी केंद्र के रूप में कमला अस्पताल अब तेलंगाना राज्य और उसके बाहर प्रशिक्षण, समर्थन और मानकीकरण के केंद्र के रूप में काम करेगा। ताकि राज्य के भीतर हेमेटोलॉजिस्ट और इलाज करने वाले चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा सकें। उन्होंने कहा छोटे क्षेत्रीय उपचार केंद्रों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ताओं के लिए संरचित फैलोशिप विकसित करते हुए वार्षिक चिकित्सा कार्यशालाएं आयोजित की जाएगीं। साथ ही स्थानीय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों के साथ औपचारिक संपर्क की व्यवस्था करते हुए क्षेत्रीय केंद्रों की पहचान और समर्थन किया जाएगा।

जानकारी देते हुए बताया गया इस वर्ष फरवरी में प्रो. एंटोनियो पिगा और प्रो. दिमित्रियोस फार्माकिस के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल द्वारा आधिकारिक ऑनसाइट मूल्यांकन किया गया था। गहन पोस्ट-विजिट मूल्यांकन के बाद बाद कमला हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर फॉर थैलेसीमिया एंड सिकल सेल डिजीज को भारत में दो टीआईएफ सहयोगी केंद्रों में से एक चुना गया।

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