अपग्रेड हो पुलिस विभाग : रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध को देखते हुए पुलिस विभाग को समय-समय पर अपग्रेड करने की आवश्यकता है। अभी तक फिजिकल क्राइम को रोकने के लिए व्यवस्था तैयार की गई थी, लेकिन अब साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है, इस चुनौती से निपटने के लिए पुलिस विभाग को भी तकनीकी रूप से अपग्रेड करने की आवश्यकता है। उन्होंने रीट्रीट जैसे कार्यक्रम के जरिए पुलिस विभाग के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों, समस्याओं का आंकलन कर इसकी भरपाई के लिए सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा जा सकता है।





भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी क्षमता वाले अधिकारियों को नियुक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा स्टाफ और अधिकारियों को अपग्रेड नहीं किया गया, तो इस क्राइम को रोका नहीं जा सकता। भेजे गए प्रस्ताव की समीक्षा कर आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार के मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया जाएगा। तेलंगाना पुलिस अकादमी में तेलंगाना पुलिस ऑफिसर्स रीट्रीट-2026 कार्यक्रम के समापन सत्र को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे राज्य की जनता को बेहतर सेवा सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि हमें पता हो कि हम कहाँ है, तो हमें पता होगा कि हमें कहाँ पहुँचना है।
रीट्रीट से पुलिस की चुनौतियों की पहचान की जाएगी
इसीलिए इस रीट्रीट कार्यक्रम के जरिए पुलिस विभाग की समस्याओं और चुनौतियों का पता लगाकर इससे निपटने की नीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो तरह की चुनौतियाँ नजर आ रही है, जिसमें एक टेक्निकल चुनौती और दूसरी एडेप्टिव चुनौती उभरकर आ रही है। उन्होंने कहा कि रिसोर्स और समय दिया जाए, तो टेक्नकिल चुनौती को दूर किया जा सकता है, लेकिन एडेप्टिव चुनौती के मामले में गहराई से अध्ययन कर इसे समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए वहाँ की कानून व्यवस्था नियंत्रण में और संतोषजनक होना अनिवार्य है।
इसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सरकार ने तेलंगाना राइजिंग-2047 नीतिगत दस्तावेज तैयार किया है, जिससे कि राज्य में कोई भी नीति को अमल में लाने में कोई रुकावट न हो। पूँजी निवेश को आकर्षित करने के लिए आउटर रिंग रोड के भीतर 2100 किलोमीटर क्षेत्र को कोर अर्बन रीजन का दर्जा दिया गया है। इसके साथ ही 2047 तक तीन ट्रिलियन की अर्थ व्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, वहीं बेंगलुरू यातायात की समस्याओं के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
संकट में सबसे पहले पुलिस से मदद मांगते हैं लोग
मुंबई और चेन्नई बाढ़ का सामना कर रहे हैं, इसीलिए हमें ऐसे महानगरों से सबक सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब कोई भी समस्या होती है, तो सबसे पहले लोग पुलिस से मदद माँगते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब आतंकवाद एक समस्या थी, इसके लिए ऑक्टोपस ग्रेहाउंड जैसी व्यवस्था को लाया गया। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एक सिस्टम बनाया गया है। अभी तक हमने फिजिकल क्राइम को रोकने के लिए व्यवस्था बनाई, लेकिन अब अपराध की प्रवृत्ति बदलती जा रही है।
वर्तमान समय में बढ़ा हुआ साइबर अपराध चुनौती नजर आ रहा है, इसीलिए तकनीकी पर आधारित इस साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए पुलिस विभाग में भी समय-समय पर बदलाव लाते हुए इसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने की आवश्यकता है। यदि वर्तमान स्टाफ और अधिकारियों को अपग्रेड नहीं किया गया, तो इस अपराध को रोका नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने रीट्रीट कार्यक्रम के जरिए पुलिस विभाग की समस्याओं, चुनौतियों आदि की पहचान कर इनकी समीक्षा करते हुए इनसे निपटने का रास्ता तलाशने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि समस्या की पहचान होती है, तो यह मान लेना चाहिए 50 प्रतिशत समस्या हमने सुलझा ली है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को अपग्रेड करने के लिए सरकार निधियाँ जारी करने में कोई कोताही नहीं बरतेगी। उन्होंने साइबर अपराध, नारकोटिक्स और पुलिस विभाग में भर्ती संबंधी मामलों को निपटाने के लिए कुछ प्रस्ताव भी अधिकारियों के समक्ष रखे।
पुलिस सुधार के लिए समिति गठन का आश्वासन
इस संदर्भ में एक समिति का गठन करने का आश्वासन दिया। उन्होंने पुलिस विभाग में आपसी समन्वय को अनिवार्य बताते हुए कहा कि जनसंख्या आधारित पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के कर्मचारी ऑटोमोड में चले जाते हैं, तो यह समाज के लिए बहुत खतरनाक है। अन्य विभागों की तुलना में पुलिस विभाग में कोई ऑटोमोड नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नियुक्ति उनकी कार्य क्षमता पर आधारित होगी। उन्होंने हर वर्ष दिसंबर माह में रीट्रीट कार्यक्रम आयोजित करने के लिए योजना बनाने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट पेश होने से पहले इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, तो इनके लिए बजट में आवश्यक निधियाँ जारी की जा सकती है। इस कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने रीट्रीट कार्यक्रम की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इसके पूर्व वर्ष 2002 के दौरान इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था। इस कार्यक्रम का आयोजन कर पुलिस विभाग की कार्य क्षमता, समस्याओं और चुनौतियों की समीक्षा कर इनसे निपटने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया जाता था। उन्होंने मुख्यमंत्री से रीट्रीट कार्यक्रम को पुनः वार्षिक रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव व अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
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