उत्तम कुमार रेड्डी ने की देवदुला परियोजना की समीक्षा
हैदराबाद, भारी सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कैप्टन एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने पंचायतराज मंत्री डी. अनुसूया सीतक्का और संयुक्त वरंगल ज़िले के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ जे. चोक्का राव देवदुला लिफ्ट सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के आदेश देते हुए बताया कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि उत्तम कुमार रेड्डी ने सिंचाई विभाग को सभी प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने, लम्बित कार्यों में तेजी लाने और उत्तरी तेलंगाना के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के प्रत्येक किसान तक सिंचाई का लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि जयशंकर भूपालपल्ली जिले के गंगाराम गाँव के पास गोदावरी नदी से 38.16 टीएमसी पानी लिफ्ट करने के लिए बनाई गई देवादुला परियोजना हनमकोंडा, वरंगल, करीमनगर, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगू, जनगाँव, यादाद्रि सूर्यापेट और सिद्दिपेट ज़िलों के ऊँचे और अर्धशुस्क क्षेत्रों में 5.57 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई जल उपलब्ध करवाएगी।
इस परियोजना में 71 मीटर की ऊँचाई से जल को 540 मीटर तक ऊँचाई पर ले जाया जाएगा। इसे तीन चरणों में क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें प्रमुख पम्प हाउस, सुरंगें, जलाशय, वितरण प्रणालिया और नहर नेटवर्क शामिल हैं। नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, अब तक सृजित कुल सिंचाई क्षमता 5.56 लाख एकड़ में से 3.17 लाख एकड़ है। भू जल से सिंचित 58,028 एकड़ को मिलाकर पूरा होने तक कुल आयकट क्षमता 6.14 लाख एकड़ तक पहुँच जाएगी। राज्य सरकार ने अब तक 14,269.63 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
देवादुला परियोजना में चरणबद्ध प्रगति और खर्च विवरण
संशोधित परियोजना लागत 18,500 करोड़ रुपये है, जिसमें से 14,269.63 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। शेष कार्यों को पूरा करने के लिए 4,230 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। कुल व्यय राशि में से 11,667.85 करोड़ रुपये, 1,343.06 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के लिए और 1,170.63 करोड़ रुपये जल यांत्रिक तथा विद्युत यांत्रिक प्रतिष्ठानों के लिए खर्च किए गए।
बैठक में पेश किए गए वर्तमान भौतिक प्रगति रिपोर्ट से पता चला कि नियोजित 2,430.82 किलोमीटर में से 1,663.10 किलोमीटर मिट्टी की खुदाई पूरी हो चुकी है, जबकि 702.62 किलोमीटर में से 669.66 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। 16,113 नियोजित संरचनाओं में से 8,510 का निर्माण पूरा हो चुका है। 1,202.14 किलोमीटर में से 799.80 किलोमीटर नहर की लाइनिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार 46 में से 39 टैंक और 21 में से 18 पम्प हाउस चालू है। यह आँकड़े योजना के विभिन्न घटकों में 67 से 95 प्रतिशत के बीच समग्र प्रगति को दर्शाते हैं।
बैठक में बताया गया कि परियोजना का पहला चरण 170 दिन में 5.18 टीएमसी पानी उठाने के लिए चालू किया गया और इससे 1.23 लाख एकड़ के आयकट को सिंचाई का लाभ मिल रहा है। दूसरे चरण का लक्ष्य 1.93 लाख एकड़ अतिरिक्त भूमि को सिंचाई जल जारी करने हेतु 7.25 टीएमसी पानी लिफ्ट करना है। दूसरा चरण भी पूर्णता की ओर है। तीसरे चरण में नए पम्प हाउस, सुरंगों और जलाशयों के निर्माण के माध्यम से 25.75 टीएमसी पानी का बड़ा उठाव शामिल है, जिससे 2.39 लाख एकड़ क्षेत्र को लाभ होगा। इसे 8 पैकेजों के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है। पैकेज एक और दो पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं।
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देवादुला परियोजना से वरंगल और आसपास की सिंचाई क्षमता
अधिकारियों ने बताया कि देवादुला परियोजना के अंतर्गत आयकट और उससे जुड़ी नहरें संयुक्त वरंगल क्षेत्र के कई निर्वाचन क्षेत्रों में फैली हुई है। जनगाँव ज़िले में लगभग 88 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी, जिसमें रघुनाथपल्ली और आरएस घणपुर खंडों में 51 हजार एकड़ शामिल है। अकेले गंडीरामारम दाहिनी मुख्य नहर 7 गाँवों जैसे तापीकोंडा, कोटापल्ली, मीडीकोंडा, राघवपुर, चांगल, अश्वरपल्ली और गोवर्धन गिरी में लगभग 5,600 एकड़ भूमि लाभांवित होगी।
हनमकोंडा और वरंगल निर्वाचन क्षेत्र में आयकट की क्षमता 1.1 लाख एकड़ से अधिक है, जबकि मुलुगू, भूपालपल्ली और जयशंकर खंडों को मिलाकर 1.2 लाख एकड़ से अधिक भूमि है। शेष आयकट सिद्दिपेट, सूर्यापेट, यादाद्रि में वितरित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि परियोजना उत्तर और मध्य तेलंगाना दोनों को लाभान्वित करे। रिपोर्ट के अनुसार, आवश्यक 34,386 एकड़ भूमि में से 32,079 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को अगले वित्तीय वर्ष के भीतर सभी लम्बित भूमि अधिग्रहण, लाइनिंग और यांत्रिक कार्यों को पूरा करने तथा शेष पम्प हाउसों को चालू करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्बाध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों के सभी बकाया भुकतान तुरन्त किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि देवादुला परियोजना दो वर्ष के भीतर पूरी तरह से चालू हो जाएगी, जिससे लगभग 6 हजार एकड़ भूमि को विश्वसनीय सिंचाई जल प्राप्त होगा।
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