वैद्य विधान परिषद को सरकारी विभाग बनाने के फैसले का स्वागत

हैदराबाद, तेलंगाना कर्मचारी, गज़ेटेड अधिकारी, शिक्षक, श्रमिक और पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति (टीजीईजेएसी) ने तेलंगाना वैद्य विधान परिषद (टीवीवीपी) को सरकारी विभाग में परिवर्तित करने के राज्य मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत किया है। समिति का कहना है कि इस निर्णय से लगभग 12,500 कर्मचारियों और 200 से अधिक अस्पतालों को सीधा लाभ मिलेगा।

टीजीईजेएसी के अनुसार, अब तक विश्व बैंक की शर्तों के तहत संचालित व्यवस्था के कारण टीवीवीपी कर्मचारियों को मानसिक तनाव, वेतन भुगतान में देरी और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता था। मंत्रिमंडल के इस निर्णय के बाद अब टीवीवीपी के सभी कर्मचारियों को मासिक वेतन और अन्य लाभ सीधे ट्रेज़री विभाग के माध्यम से प्राप्त होंगे। समिति ने बताया कि इस फैसले से धन आवंटन, सर्जिकल उपकरणों और दवाओं की खरीद तथा कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया समय पर हो सकेगी।

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स्टाफ नर्सों को नर्सिंग ट्यूटर के रूप में पदोन्नति का अवसर

इसके परिणामस्वरूप माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है। साथ ही टीवीवीपी में कार्यरत स्टाफ नर्सों को नर्सिंग ट्यूटर के रूप में पदोन्नति का अवसर भी मिलेगा। टीजीईजेएसी ने इस कदम को कर्मचारियों के करियर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने सोमवार को तेलंगाना वैद्य विधान परिषद का नाम बदलकर निदेशालय माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाएँ (डायरेक्टरेट ऑफ सेकेंडरी हेल्थ) कर दिया है, जिससे इसके कर्मचारी सीधे राज्य सरकार के अधीन आ गए हैं।

अब तक टीवीवीपी एक स्वायत्त संस्था के रूप में कार्य कर रही थी, जिसे मुख्य रूप से केंद्र सरकार से वित्त पोषण मिलता था। टीजीईजेएसी ने राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलेस कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (ईएचएस) कार्ड प्रदान करने के निर्णय पर भी आभार व्यक्त किया। हालांकि, समिति ने स्पष्ट किया कि वह नई वेतन संशोधन आयोग (पीआरसी) के गठन और लंबित बिलों की मासिक रिलीज़ राशि को 700 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये किए जाने की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।

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