भेदभाव के खिलाफ खड़े हुए वर्धमान : सुयशाजी
हैदराबाद, वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमणोपासक संघ रामकोट के कीमती बरमेचा प्रवचन हॉल में सुधाकंवरजी के सानिध्य में जिनवाणी की गंगा प्रवाहित हो रही है। रतनचंद कटारिया और तीर्थकुमार सिंघी द्वारा संयुक्त रूप से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, गत 1 अक्तूबर से भगवान महावीर की साधना यात्रा प्रारंभ हुई है।
महामंगल कारी महामंत्र णमोकार का जाप निरंतर गतिमान है। आज जाप का लाभ श्रमणोपासक महिला मंडल ने लिया। सुयशाजी म.सा ने भगवान महावीर की साधना यात्रा कराते हुए एक एक प्रसंग का सुंदर चित्रण प्रस्तुत किया। कल भगवान महावीर साधना यात्रा के पश्चात अल्पाहार का लाभ संघ के पारसमल हुकमीचंद सिद्धार्थ तातेड़ परिवार और आज जुगराज किशोरकुमार प्रतीक कुमार प्रणय कुमार मुथा परिवार परिवार ने प्राप्त किया।

आज सुयशाजी म.सा. ने बताया कि राजकुमार वर्धमान ने समाज में ऊँच नीच का भेदभाव मिटाने का प्रयास किया। आपने सभी राजकुमार को साथ लेकर अभियान चलाया। आपका एक ही उद्देश्य था कि राज्य में किसी को दुःख, पीड़ा और कष्ट ना हो। आपने संसार का कायाकल्प करने का प्रयास किया।
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आप माता-पिता की खुशी के लिए राजकुमारी यशोदा के साथ विवाह के बंधन में बंध गए। संघ के महामंत्री राजेश सुराणा ने बताया कि महामंगलकारी महामंत्र णमोकार का जाप निरंतर गतिमान है। प्रतिदिन श्रमणोपासक महिला मंडल जाप कर रहे हैं। साधनाजी म.सा. की ओजस्वी वाणी में प्रभु महावीर की अंतिम देशना उतराध्ययन सूत्र का वाचन चल रहा है। संघ के उपाध्यक्ष हुकमीचंद तातेड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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