इंडक्शन पर गोल घेरे का क्या है रहस्य
अगर आपने भी एलपीजी की किल्लत की ख़बरों के बीच इंडक्शन चूल्हा खरीदा है, तो आपका ध्यान भी उस पर बने गोल घेरे पर ज़रूर गया होगा। अक्सर लोग इसे सिर्फ डिजाइन का पार्ट या फिर बर्तन रखने की जगह भर समझने की गलती कर देते हैं। असल में इंडक्शन चूल्हे पर बने इस गोल घेरे का काम सिर्फ इतना भर ही नहीं है। इसे आप कुकिंग की रफ्तार, बिजली की बचत और इंडक्शन की उम्र को बढ़ाने वाला एक जोन समझ सकते हैं। कहने का मतलब है कि इंडक्शन पर बना गोल घेरा कई तरीकों से आपके बिजली के बिल समेत खाना पकाने में लगने वाले समय की भी बचत कर सकता है।
हालांकि, इसके लिए पहले आपको इस घेरे को दिए जाने की तकनीकी वजह को समझना होगा। दरअसल, इंडक्शन पर बने घेरे के ठीक नीचे तांबे की कॉइल होती है। इस कॉइल का आकार और पोजीशन वैसी ही होती हैं जैसे कि इंडक्शन पर गोल घेरा बना होता है। ऐसे में इंडक्शन चूल्हे की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड इस घेरे में अंदर ही पैदा होती है। अगर बर्तन घेरे से बढ़ा-छोटा हो, तो इंडक्शन को ज्यादा ताकत लगानी करनी पड़ती है और नतीजतन आपके कुकिंग का समय और बिजली बिल बढ़ता है।
इंडक्शन चूल्हे पर गोल घेरा बनाना कई तकनीकी वजहों से ज़रूरी होता है। दरअसल, इस गोल घेरे के नीचे ही तांबे या एलुमिनियम की कॉइल होती है। ऐसे में जब इंडक्शन काम करता है, तो चुंबकीय तरंगें इसी घेरे में सबसे ज्यादा ऐक्टिव होती हैं। यही वजह है कि अगर बर्तन घेरे के बीच न हो या छोटा-बड़ा हो, तो मैगनेटिक तरंगे बर्तन से सही से कनेक्ट नहीं हो पातीं। इससे बिजली बिल बढ़ता है और कुकिंग स्लो हो जाती है, साथ ही यह लंबे समय में इंडक्शन चूल्हे की सेहत पर भी असर डालता है।
घेरे का सही उपयोग बढ़ाता है इंडक्शन की लाइफ
इसे आप कुछ यूं समझ सकते हैं कि जब आप इंडक्शन चूल्हे पर घेरे के मुकाबले बहुत छोटा या बहुत बड़ा बर्तन रखते हैं, तो इंडक्शन को उस बर्तन को सेंस करने और गर्म करने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। वहीं अगर घेरे के बराबर साइज का बर्तन इंडक्शन पर इस्तेमाल हो, तो लगभग 90 प्रतिशत ऊर्जा सही जगह पर लगती है। इससे कुकिंग तेजी से हो पाती है, जिसकी वजह से इंडक्शन चूल्हे को कम चलाना पड़ता है और आखिर में बिजली बचती है और इंडक्शन चूल्हे की लाइफ बेहतर होती है।
इंडक्शन चूल्हे पर बना ये गोल घेरा खुद चूल्हे की सुरक्षा के लिए भी ज़रूरी है। दरअसल, इस घेरे के नीचे लगे सेंसर इस बात को भांप सकते हैं कि बर्तन सही जगह पर है या नहीं। अगर बर्तन सही जगह पर न हो, तो संभव है कि इंडक्शन चूल्हे में लगी मशीनरी ज्यादा गर्म हो जाए। इससे इंडक्शन चूल्हे की कॉइल या पीसीबी के जलने का ख़तरा बढ़ जाता है।
-भव्य भारद्वाज
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